सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग उपमंडल स्वारघाट के तहत ग्राम पंचायत बैहल के गांव लखाला में चार महीने से नियमित पेयजल आपूर्ति न होने से लोग परेशान हैं। मजबूरी में लोगों को नालों का दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
इस वजह से ग्रामीण जलजनित रोगों की चपेट में आ रहे हैं। इस वजह से ग्रामीणों को कई प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बैहल पंचायत के लखाला, लड़ा, रंगटा और टिल्ला के ग्रामीणों ने कई बार आईपीएच विभाग के अधिकारियों को इस समस्या बारे में लिखित और मौखिक रूप से अवगत करवाया। मगर अभी तक समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने इस बारे में डीसी बिलासपुर को भी एक शिकायत पत्र भेजा है। मगर उस पर भी कोई कार्यवाही अभी तक अमल में नहीं लाई गई है।
लखाला, लड़ा, रंगटा और टिल्ला के ग्रामीण सुखदेव शर्मा, नंतराम, परमानंद, काका राम, स्वामी और काकू राम ने बताया कि लखाला गत चार महीने से पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस बारे में आईपीएच विभाग, डीसी बिलासपुर और पंचायत प्रधान को कई बार लिखित तौर पर अवगत करवाया है। मगर समस्या का हल नहीं हो पाया है। इस वजह से ग्रामीणों को मजबूरन तालाबों और गंदे नालों का गंदा पानी पीना पड़ रहा है।
इसके चलते गांवों के कई लोग टायफायड, पीलिया जैसे रोगों की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके घर गांवों के अंतिम छोर पर हैं। लोगों के अनुसार गांव के अन्य परिवारों को पानी मिल रहा है।
मगर अंतिम छोर पर सटे इन घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता है। ग्रामीणों ने विभाग को चेताया कि अगर शीघ्र ही पानी की व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो वह आईपीएच कार्यालय स्वारघाट का घेराव करने को मजबूर हो जाएंगे। विभाग के सहायक अभियंता केके शर्मा ने बताया कि लाइन ब्लॉक होने की वजह से समस्या पेश आ रही है।
यह पाइप लाइन जंगल से होकर गुजरती है। इस कारण लाइन में ब्लॉकेज का पता नहीं चल रहा है। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि मंगलवार तक समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।