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फोरलेन परियोजना में भूमि अधिग्रहण विवाद : केंद्र के नाम इंतकाल पर अपनाए जा रहे दोहरे मापदंड

Mon, 24 Nov 2025 11:36 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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राजस्व विभाग ने तीन जिलों के उपायुक्तों को दिए मामले की जांच के निर्देश
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कीरतपुर से पंडोह तक के प्रभावितों को सूचित किए बिना अधिग्रहण के भी हैं आरोप
समिति ने की दोहरे मापदंडों को समाप्त कर पारदर्शी तरीके से इंतकाल प्रक्रिया पूरी करने की मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक, नेरचौक-पंडोह और पंडोह-मनाली फोरलेन सड़क परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के इंतकाल केंद्र सरकार के नाम दर्ज करने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शिकायत की गई थी कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की जा रही है और अलग-अलग इकाइयों पर दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस मामले में बिलासपुर, मंडी और कुल्लू जिले के उपायुक्तों को जांच के निर्देश दिए हैं।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने 3 नवंबर 2025 को राजस्व विभाग को पत्र भेजकर शिकायत की थी। इसमें कहा गया है कि कीरतपुर-नेरचौक, नेरचौक-पंडोह और पंडोह-मनाली फोरलेन के लिए अधिग्रहित भूमि के इंतकाल केंद्र के पक्ष में दर्ज करने की प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। भू-अर्जन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उनके कार्यालय के पटवारी, कानूनगो या तहसीलदार को ऐसे इंतकाल दर्ज करने, जांचने या प्रमाणित करने की कोई शक्ति नहीं है। कहा कि यह कार्य संबंधित तहसीलों के पटवारियों, कानूनगो और तहसीलदार/नायब तहसीलदारों की ओर से किया गया है। हालांकि, संबंधित तहसीलों के पटवारियों और कानूनगो ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने ऐसे किसी इंतकाल को दर्ज या जांचा है। शिकायत है कि कीरतपुर से पंडोह तक के भूमि अधिग्रहण में पटवारी बिना प्रभावितों को सूचित किए इंतकाल दर्ज कर रहे हैं। कानूनगो जांच और तहसीलदार बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखकर प्रमाणित कर रहे हैं। इतना ही नहीं, गांवों के बस्तों से कोर्ट की बिना अनुमति के इंतकाल निकालकर उनकी दुरुस्ती की जा रही है, जबकि ये मामले अपील में लंबित हैं।
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समिति ने प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि अपील में लंबित इंतकाल की दुरुस्ती नहीं की जा सकती। बताया जा रहा है कि यह अधिनियम की धारा 16(1) और 35 का सीधा उल्लंघन है और कहा कि यह कार्रवाई जनहित में नहीं है, बल्कि प्रभावितों के हितों के खिलाफ है। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बिलासपुर, कुल्लू और मंडी के उपायुक्तों को पत्र भेजा। पत्र में निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच करें, नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें और वस्तुस्थिति से विभाग तथा आवेदक को अवगत करवाएं। समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि यह प्रक्रिया प्रभावित किसानों और भूमि मालिकों के साथ अन्याय है। मांग की कि दोहरे मापदंडों को समाप्त कर पारदर्शी तरीके से इंतकाल प्रक्रिया पूरी की जाए।
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