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Bilaspur News: मेघनाथ के शक्तिशाली बाण से लक्ष्मण हुए मूर्छित

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डियारा में आयोजित रामलीला का दृश्य। संवाद
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लक्ष्मण की मूर्छा देख पीड़ा से कराह उठे प्रभु श्री राम
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युद्ध शिविर में वैद्यराज सुषेण को लेकर पहुंचे हनुमान

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के डियारा सेक्टर में चल रहे ऐतिहासिक राम नाटक की आठवीं संध्या में मंच पर पहला दृश्य लक्ष्मण–मेघनाथ युद्ध का रहा। युद्ध में मेघनाथ के शक्तिशाली बाण से लक्ष्मण भूमि पर गिरकर मूर्छित हो जाते हैं। इस क्षण ने पूरे माहौल को गंभीर और भावुक बना दिया।
इसके बाद भाइयों के प्रेमभाव को समर्पित दृश्य प्रस्तुत किया गया। लक्ष्मण की मूर्छा देख प्रभु श्रीराम पीड़ा से कराह उठते हैं। उनकी आंखों से बहते आंसू और छोटे भाई को जगाने का करुण आग्रह देख दर्शक भी भावुक हो उठे। लंबे समय से राम की भूमिका निभा रहे कलाकार नवीन सोनी ने इस बार भी ऐसा अभिनय किया कि पूरी सभा स्तब्ध रह गई। दर्शकों ने महसूस किया मानो वे सचमुच त्रेता युग के उस प्रसंग का प्रत्यक्ष दर्शन कर रहे हों। युद्ध शिविर में हनुमान जी वैद्यराज सुषेण को लेकर पहुंचे। वैद्यराज ने स्थिति को गंभीर बताते हुए शीघ्रातिशीघ्र संजीवनी बूटी लाने की सलाह दी और साथ ही समय सीमा तथा मार्ग में आने वाली बाधाओं का संकेत भी दिया। तत्पश्चात वीर हनुमान संजीवनी की खोज में प्रस्थान करते हैं। जब वे संजीवनी बूटी की पहचान करने में असमर्थ रहते हैं तो पूरा पर्वत ही उठाकर राम शिविर ले आते हैं। अंतिम दृश्य में वैद्य सुषेण संजीवनी बूटी से लक्ष्मण को मूर्छा से उबार देते हैं। संध्या के मुख्य अतिथि हिमुडा अध्यक्ष जितेंद्र चंदेल रहे।
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उन्होंने समिति को 11,000 रुपये की नकद सहायता राशि प्रदान की और रामलीला मैदान में अधूरे पड़े कार्यों को पूर्ण करवाने का आश्वासन दिया। उनकी घोषणा पर दर्शकों और समिति सदस्यों ने हर्ष व्यक्त किया। आठवीं संध्या के मंचन में मंच सज्जा, वेशभूषा और ध्वनि व्यवस्था का भी विशेष आकर्षण रहा। हर पात्र ने अपनी भूमिका में समर्पण और गहराई दिखाई। उपस्थित लोगों ने कहा कि राम नाटक की यह प्रस्तुति न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि समाज को भाईचारे, त्याग और कर्तव्य का संदेश भी देती है।
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