घडीर पब्लिक हाई स्कूल में मनाया विश्व बहरापन दिवस
भाषण और चार्ट मेकिंग प्रतियोगिताएं भी कराई गईं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विश्व बहरापन दिवस पर घडीर पब्लिक हाई स्कूल में प्रधानाचार्य बीना कुमारी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भाषण और चार्ट मेकिंग प्रतियोगिताएं भी कराई गईं।
भाषण में मनीषा ने पहला, राधिका ने दूसरा और कृति ने तीसरा स्थान हासिल किया। चार्ट मेकिंग में लक्षिता ने पहला, दिव्या ने दूसरा और अंशिका ने तीसरा स्थान हासिल किया। स्वास्थ्य शिक्षक कमल कुमार ने बताया कि साल 2022 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के तहत भारत में 65 करोड़ से भी अधिक लोग ऐसे हैं जिन्हें या तो कम सुनाई देता है या बिल्कुल भी नहीं सुनाई देता।
स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने बताया कि यह सप्ताह प्रतिवर्ष अलग थीम के साथ आयोजित किया जाता है। इस वर्ष का थीम चेंजिंग माइंड सेट है। उन्होंने बताया कि श्रवण हानि का अर्थ सिर्फ बहरापन नहीं होता, श्रवण हानि का मतलब किसी रोग, समस्या अवस्था या परिस्थिति के चलते व्यक्ति को सुनने की क्षमता पूर्ण या आंशिक रूप से कम होना है। ऐसा किसी भी उम्र में हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में बढ़ रहे श्रवण हानि के मामलों के लिए तेज आवाज में संगीत सुनना या तेज आवाज के संपर्क में आना मुख्य कारणों में से है। लेकिन वर्तमान समय में ईयर फोन से भी यह समस्या दिन प्रतिदिन लोगों में बढ़ रही है। हमारे कान की सुनने की क्षमता 65 से 85 डेसीबल है। कम सुनने की समस्या के कारणों के आधार पर इलाज या थेरेपी मददगार हो सकती है। कई मामलों में हियरिंग सेट या सुनने की मशीन की मदद और कुछ अन्य तकनीकों से पीड़ितों की मदद की जा सकती है। कार्यक्रम में स्कूल के अध्यापक, क्षेत्र की आशा सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।