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Bilaspur News: खैर कटान से चमकेगी भूमि मालिकों की किस्मत, सदर में 50 हजार पेड़ काटने की तैयारी

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सरोज पाठक
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बिलासपुर। सदर विधानसभा क्षेत्र में इस बार खैर के करीब 50 हजार पेड़ों पर आरी चलने की तैयारी है। निजी भूमि पर खड़े इन पेड़ों की मार्किंग पूरी हो चुकी है और दिवाली के बाद इनकी बिक्री व कटान की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। अनुमानित तौर पर सात से आठ हजार रुपये प्रति पेड़ की कीमत के आधार पर खैर की लकड़ी का कुल कारोबार करीब 35 से 40 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।


हालांकि वास्तविक कीमत पेड़ के आकार, गुणवत्ता, लकड़ी की मात्रा और बिक्री के समय बाजार में मिलने वाली दर पर निर्भर करेगी। इससे निजी भूमि मालिकों को बड़ी आमदनी होने के साथ क्षेत्र में खैर की लकड़ी का कारोबार भी तेज होगा। सदर क्षेत्र में खैर कटान के लिए 11 बीटें चिह्नित की गई हैं। इनमें कोठीपुरा, लखनपुर, बिनोला, कुड्डी, मार्कंड, मुगरानी, मलोखर, बठोह, जमथल, चम्योण और पंजगाईं शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में निजी भूमि पर मौजूद खैर के पेड़ों की मार्किंग का काम पूरा किया जा चुका है। अब पेड़ों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है।
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50 हजार पेड़ों की औसत कीमत सात हजार रुपये प्रति पेड़ मानी जाए तो कुल राशि करीब 35 करोड़ रुपये बैठती है। वहीं, आठ हजार रुपये प्रति पेड़ के हिसाब से यह आंकड़ा 40 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। यह राशि केवल अनुमानित दर के आधार पर निकाली गई है। पेड़ों की वास्तविक बिक्री कीमत अलग-अलग हो सकती है। पेड़ की मोटाई, लंबाई, गुणवत्ता और उससे निकलने वाली लकड़ी की मात्रा इसके मूल्य निर्धारण में अहम भूमिका निभाएगी। एक साथ 11 बीटों में खैर की बिक्री और कटान शुरू होने से स्थानीय स्तर पर लकड़ी से जुड़े कारोबार में भी तेजी आने की संभावना है। कटान के अलावा पेड़ों की ढुलाई, खरीद-बिक्री में भी लोगों को काम मिल सकता है। निजी भूमि पर खड़े पेड़ों की बिक्री से भूमि मालिकों को भी सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा। संवाद
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