स्वारघाट की सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते करनैल राणा।
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स्वारघाट में चल रहे कहलूर-हंडूर ग्रीष्मोत्सव मेला की तीसरी सांस्कृतिक संध्या करनैल राणा के नाम रही। मंगलवार रात भारी संख्या में लोग राजेंद्र राणा को सुनने के लिए मेला मैदान पहुंचे थे। इसमें महिलाओं, बच्चों और स्थानीय लोगों के यहां पहुंचने से पूरा मैदान खचाखच भरा था।
गायक करनैल राणा ने कैसा लगया गोरिये पहाड़ां दा बसणा..., डुग्गी-डुग्गी नदियां बड़ी तेज धारा हो..., तेरे मत्थे जो बिंदलू लाणा गोरिये..., धोबण पाणिये जो चली है..., कांगड़े दियां उच्चियां रिड़ियां बंसरी बजे..., सहित अन्य लोकगीत गाकर लोगों को नाचने पर मजबूर कर दिया। सांस्कृतिक संध्या में उनके साथ आए अन्य गायक कलाकार प्रमोद राणा, कुशल कुमार, निम्मो चौधरी और देशराज राणा ने भी अपनी मधुर गीतों से लोगों का मनोरंजन किया।
हिम कला संगम बिलासपुर से आए दो कलाकारों प्रकाश वर्मा और कौशल्या देवी ने भी अपनी मनमोहक गाने गाकर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। गौरतलब है कि कौशल्या देवी और प्रकाश शर्मा आकाशवाणी शिमला और दूरदर्शन शिमला में भी कई बार अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं।
इसके अलावा दूसरी सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी और पहाड़ी कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां दी। सोमवार रात को हुए कार्यक्रम में चन्ना किशनपुरिया ने पंजाबी गानों से जनता को मंत्रमुग्ध कर दिया। पहाड़ी गायिका मीनाक्षी तनवर ने भी लोक गीतों से लोगों का खूब मनोरंजन किया। डीएसपी नयना देवी बलदेव दत्त शर्मा ने भी एक से बढ़कर एक गीत पेश कर लोगों का खूब मनोरंजन किया।
कबड्डी में स्वारघाट की टीम बनी विजेता : मेले में कबड्डी प्रतियोगिता अंडर-19 के फाइनल मुकाबले भी हुए। इसमें स्वारघाट की टीम ने बैहल स्कूल की टीम को 21-14 के मुकाबले के अंतर से पराजित किया। लड़कियों के फाइनल मुकाबले में बैहल स्कूल की टीम ने स्वारघाट स्कूल की टीम को 48-20 के अंतर से हराया।