बिलासपुर। प्रदेश भर में जहां विभिन्न विभागों में कार्यरत महिला कर्मी करवाचौथ पर्व पर अवकाश पर रहीं वहीं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत महिलाएं भूखी-प्यासी दिन भर ड्यूटी पर तैनात रहीं। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने जहां अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखा, वहीं जन सेवा में भी सहयोग दिया। कोरोना काल में इन महिला स्वास्थ्य कर्मियों का इस तरह अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करना इन्हें हर किसी से अलग बना रहा है। सुहागिनों के लिए सौभाग्य का दिन माना जाने वाला करवाचौथ व्रत हर सुहागिन के लिए विशेष होता है। बताते चलें कि जिला के आरएच बिलासपुर, सीएचसी मार्कंडेय, सीएचसी पंजगाई, सीएचसी घवांडल, कोविड केंद्र बिनौला, कोविड हेल्थ केयर सेंटर घुमारवीं में करीब 50 महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने सेवाएं दीं।
जिला अस्पताल के कोविड वार्ड में सेवाएं दे रही स्टाफ नर्स लीना शर्मा करवाचौथ का व्रत रखने के बाद भी ड्यूटी पर पहुंचीं। शाम आठ बजे ड्यूटी पूरी करने के बाद घर गईं। उसके बाद व्रत पूरा किया।
जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के तौर पर तैनात अनुपमा व्रत के दिन भी ड्यूटी पर आईं। अनुपमा अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में तैनात हैं।
जिला अस्पताल में ही कार्यरत सोनिका शर्मा ने व्रत वाले दिन वार्ड में एक कोरोना पॉजिटिव को डील किया। सोनिका ने व्रत तो रखा लेकिन व्रत के दिन ही कोविड पॉजिटिव के संपर्क में आने से अपने परिवार के समीप नहीं जा पाई।
स्टाफ नर्स मंजू शर्मा करवाचौथ के दिन सुबह 8 बजे से ही ड्यूटी पर डटी रहीं। जिला अस्पताल के लेबर रूम में ड्यूटी देने के बाद 2 बजे घर र्गइं।
घुमारवीं अस्पताल में कोविड ड्यूटी दे रहीं मनीषा भी ड्यूटी के दौरान कोरोना पॉजिटिव हुई। इसके बावजूद इन्होंने अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखा। कोविड पॉजिटिव आने के बाद भी भूखे प्यासे रहकर व्रत रखना मनीषा की पवित्रता और आस्था को दर्शाता है।