झंडूता के बागछाल पुल पर निरीक्षण के लिए पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा। संवाद
- पुल के निर्माण में इंजीनियरिंग स्किल्स की सराहना की
-दिवाली पर घर आए नड्डा चार दिन के दौरे के बाद लौटे दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दिवाली पर्व के उपलक्ष्य में अपने घर आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा शनिवार को वापस लौट गए। वापसी के समय उन्होंने झंडूता और नयनादेवी विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाले बागछाल पुल का मुआयना भी किया।
देश में सबसे अधिक 185 मीटर लंबे कैंटीलीवर स्पैन के इस पुल को देखकर नड्डा बेहद प्रभावित हुए। इस पुल के निर्माण के लिए उन्होंने झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल के प्रयासों की विशेष तौर से सराहना की। गौरतलब है कि गोविंद सागर पर बागछाल पुल का काम वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने शुरू करवाया था, लेकिन दो वर्ष बाद ही खंभे धंसने जैसे तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए काम बंद कर दिया गया था। एक दशक तक इसका काम पूरी तरह से ठप रहा था। वर्ष 2017 में झंडूता के विधायक बने जीतराम कटवाल ने इसके निर्माण की प्रक्रिया फिर से शुरू करवाई। केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार की मदद से उन्होंने क्षेत्रवासियों का इस पुल का सपना साकार किया। निर्माण कार्य के दौरान वह 100 से अधिक बार पुल पर पहुंचकर कार्य प्रगति का जायजा लेते रहे। जेपी नड्डा को पुल की जानकारी देते हुए जीतराम कटवाल ने कहा कि कुल 330 मीटर लंबा यह पुल देश में सबसे अधिक 185 मीटर लंबे कैंटीलीवर स्पैन वाला है।
उन्होंने कहाकि झंडूता और नयनादेवी विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने के साथ ही इस पुल के निर्माण से चंडीगढ़, दिल्ली, हमीरपुर व कांगड़ा आदि की दूरी भी काफी कम हुई है। यह एक तरह से ‘गोल्डन गेट ऑफ हिमाचल’ बन गया है। जेपी नड्डा ने पुल के निर्माण में इंजीनियरिंग स्किल्स की सराहना करते हुए एक से दूसरे छोर तक पुल का मुआयना किया। इस दौरान नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा, झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल, सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल, पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग व भाजपा के जिला अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान आदि भी उनके साथ हे। इससे पहले नड्डा ने अपने आवास विजयपुर में लोगों की समस्याएं सुनीं।
झंडूता के बागछाल पुल पर निरीक्षण के लिए पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा। संवाद