बिलासपुर में जिला परिषद अध्यक्ष के पद के लिए चल रही जद्दोजहद के बीच मंगलवार को बरमाणा वार्ड से जीतकर आई मुस्कान ने अध्यक्ष पद लेने की शर्त पर भाजपा ज्वाइन कर ली है। वहीं मुस्कान के भाजपा में शामिल होने के बाद जिला परिषद के सात समर्थित सदस्य भाजपा के हो गए हैं। इसके अलावा कांग्रेस ने भी अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की है। लेकिन बुधवार को अध्यक्ष पद पर ताजपोशी किसकी होगी, यह चुनाव के बाद ही साफ होगा।
जिले में जिला परिषद के 14 सदस्य हैं। इनमें से कांग्रेस समर्थित तीन जीते हैं। भाजपा समर्थित छह जीतकर आए हैं। वहीं पांच निर्दलीय जीते हैं। सभी निर्दलिय कांग्रेस विचारधारा से जुड़े रहे हैं। इसके चलते अभी तक कांग्रेस को भरोसा था कि निर्दलियों के समर्थन से जिप अध्यक्ष कांग्रेस का ही बनेगा। लेकिन मंगलवार को मुस्कान के भाजपा में शामिल होने के बाद समीकरण बदल गए। एक तरफ जहां भाजपा ने इस चुनाव को अपने नाम करने के लिए आठ में से सात मोहरे अपने पास कर लिए हैं।
वहीं अध्यक्ष पद हासिल करने से बस एक कदम दूरी पर है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने भी अध्यक्ष पद के लिए पूरा जोर लगाया है। चारों खंडों में बीडीसी अध्यक्ष पद के लिए मात खाने के बाद अब कांग्रेस की नजरें जिप अध्यक्ष की कुर्सी पर है। लेकिन सत्ता हासिल करने के लिए पल में आंकड़े बदलने को लेकर माहिर भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए पूरी चाल चल दी है।
वहीं दो धड़ों में बंटी जिला कांग्रेस ने जैसे बीडीसी अध्यक्ष पदों से हाथ धोए, वैसे ही कहीं जिप अध्यक्ष पद भी इसकी भेंट न चढ़ जाए। भाजपा ने मुस्कान को अध्यक्ष पद देने की शर्त पर पार्टी में शामिल करके कहीं न कहीं अपने समर्थित सदस्यों को दरकिनार किया है। चुनाव में इसका नुकसान भी देखने को मिल सकता है।