बिलासपुर। जिला परिषद की बैठक से भाजपा समर्थित सदस्यों ने दूरी बनाए रखी। वहीं कांग्रेस और निर्दलीय जीतकर आए सात सदस्य बैठक में पहुंचे। लेकिन कोरम पूरा न होने से अध्यक्ष की ताजपोशी नहीं हो पाई। कांग्रेस ने दावा किया है कि जिप अध्यक्ष उन्हीं का होगा। कांग्रेस का दावा कितना सही है यह तो अब चार फरवरी को होने वाले चुनाव में ही पता चलेगा। लेकिन तब तक जिप अध्यक्ष की ताजपोशी के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
जिला परिषद के चुनाव परिणाम घोषित होने के नौ दिन बाद भी भाजपा और कांग्रेस जिप अध्यक्ष बनाने में नाकाम रही हैं। हालांकि दोनों ही पार्टियां अध्यक्ष पद का दावा कर रही हैं। निर्दलियों की पांच सीटें होने के कारण कोई भी बहुमत जुटाने में कामयाब नहीं हो पाई हैं। जिप चुनावों में भाजपा को छह सीटें मिली थीं। वहीं कांग्रेस को तीन और पांच निर्दलीय जीतकर आए हैं। अध्यक्ष बनाने के लिए आठ सीटों की जरूरत है। इसके चलते कोई भी अध्यक्ष नहीं बना सका है। दोनों ही पार्टियां निर्दलियों को अपने पाले में करने में लगी हैं। सोमवार को बैठक में भाजपा समर्थित किसी भी सदस्य ने भाग नहीं लिया। सोमवार को बैठक में कांग्रेस के तीन और चार निर्दलीय सदस्य पहुंचे। वहीं एक निर्दलीय और छह भाजपा समर्थित बैठक से नदारद रहे। कांग्रेस का कहना है कि निर्दलीय उनके साथ हैं। जिप अध्यक्ष कांग्रेस का ही होगा। सोमवार को अध्यक्ष की ताजपोशी नहीं हो पाई। लेकिन अब 4 फरवरी को चुनाव में तय हो जाएगा कि अध्यक्ष का ताज किसके सिर सजेगा।