एसडीएम बोलीं-नुकसान होने पर तुरंत पटवारी को दें सूचना
संवेदनशील सड़कों पर आवाजाही फिलहाल बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। मानसून सीजन को देखते हुए झंडूता प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। किसी भी प्राकृतिक आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उपमंडल में 12 राहत केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार के नुकसान या हादसे की सूचना तुरंत संबंधित पटवारी को दें, ताकि समय पर राहत उपलब्ध करवाई जा सके। एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा ने बताया कि हाल ही में सभी विभागों के अधिकारियों के साथ मानसून तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हाल के दिनों में सर्पदंश के मामले सामने आने के बाद लोगों को सतर्क करने के लिए एडवाइजरी जारी कर पूरे झंडूता क्षेत्र में साझा की गई है। लोगों से बरसात के मौसम में खेतों, झाड़ियों और सुनसान स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। एसडीएम ने कहा कि उपमंडल में बनाए जा रहे 12 राहत केंद्रों पर आपदा प्रभावित लोगों के ठहरने, आवश्यक जानकारी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था रहेगी। यदि किसी व्यक्ति का घर, पशुशाला या अन्य संपत्ति बारिश से क्षतिग्रस्त होती है तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित पटवारी को दें। मौके का निरीक्षण कर तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर सरकार के नियमानुसार राहत प्रदान की जाएगी।
सुरक्षा को लेकर अस्थायी रूप से बंद किए संवेदनशील मार्ग
अर्शिया शर्मा ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर कुछ संवेदनशील मार्गों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है। इनमें मांडवा के समीप का मार्ग और सुन्हाणी-घुमारवीं सड़क शामिल है। इन स्थानों पर लगातार पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन नहीं चाहता कि भल्लू जैसी दुखद घटना दोबारा हो, इसलिए लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन मार्गों पर फिलहाल आवाजाही रोक दी गई है। अर्शिया शर्मा ने क्षेत्रवासियों से बरसात के दौरान प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।