शिक्षा विभाग के 1 जून के पत्र पर भड़का एनपीएस कर्मचारी महासंघ
पदाधिकारी बोले, सैंकड़ों पेंशन मामलों पर लटक गई है तलवार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने शिक्षा विभाग की ओर से 1 जून को जारी उस पत्र पर कड़ी आपत्ति जताई है ,जिसमें अनुबंध कार्यकाल को पेंशन के लिए अमान्य बताया गया है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह कर्मचारी हितों के साथ खिलवाड़ है।
जिला प्रधान राजेंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री खुद यह कह चुके हैं कि अनुबंध काल को पेंशन के लिए गिना जाएगा, बावजूद इसके विभागीय अधिकारी पत्र-पत्र खेलकर कर्मचारियों की पेंशन मामलों को ठंडे बस्ते में डाल रहे हैं। सैंकड़ों कर्मचारी एनपीएस में जमा लाखों रुपये बैंक से लोन लेकर ट्रेजरी में जमा करवा चुके हैं। अब अनुबंध कार्यकाल को पेंशन के लिए न गिनना उन कर्मचारियों की मेहनत और बलिदान के साथ अन्याय है, जिन्होंने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष सरकार और समाज की सेवा में लगाए। सरकार की ओर से हाल ही में लाया गया एक्ट भी अनुबंध कर्मियों को पेंशन लाभ से वंचित नहीं करता। इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से भ्रम फैलाकर नीतिगत निर्णयों को लागू नहीं होने देना बेहद खेदजनक है। कहा कि महासंघ जल्द ही मुख्यमंत्री से इस मसले पर मुलाकात करेगा और मांग करेगा कि आर्थिक तंगी या अन्य किसी भी परिस्थिति के बावजूद अनुबंध काल की पेंशन के लिए पूर्ण गणना होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि समय रहते कर्मचारियों की सेवाएं नियमित कर दी जातीं, तो क्या आज उन्हें अपने हक के लिए इस तरह आवाज उठानी पड़ती।