- राजपुरा में लोगों को दी पोलियो की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य विभाग की ओर से खंड स्तरीय पोलियो जागरुकता शिविर का आयोजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुरा में किया गया। विभाग की ओर से लोगों को पोलियो के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर असीम शर्मा ने की।
स्वास्थ्य शिक्षक विजय ने कहा कि हर साल 24 अक्तूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है। पोलियो के प्रति लोगों को जागरूक होना जरूरी है, ताकि वह अपने बच्चों का सही समय पर टीकाकरण करा सकें। हालांकि भारत अब पोलियो मुक्त देश है, लेकिन आज भी कई देश इस समस्या से लड़ रहे हैं। पोलियो एक अत्यधिक वायरल संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से पांच साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में मुख्य रूप से मल-मौखिक मार्ग के माध्यम से या किसी दूषित भोजन या पानी के माध्यम से फैलता है। यह आंत में बढ़ता है, जहां से यह तंत्रिका तंत्र में प्रवेश कर सकता है और पक्षाघात (पैरालिसिस) का कारण बन सकता है।
विश्व पोलियो दिवस रोटरी इंटरनेशनल द्वारा मेडिकल शोधकर्ता जोनास साल्क के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। जोनास साल्क ने पोलियो वैक्सीन विकसित करने वाली पहली टीम का नेतृत्व किया था। 1955 में उन्होंने इनएक्टिवेटेड पोलियो वायरस वैक्सीन बनाई। 1962 में अल्बर्ट साबिन ने ओरल पोलियो वैक्सीन बनाई। 1988 में विश्व स्वास्थ्य सभा ने पोलियो वायरस को खत्म करने के लिए प्रतिबद्धता जताई थी। उस समय दुनिया भर में लगभग 3.50 लाख मामले थे। साल 2002 में यूरोपीय क्षेत्र को पोलियो मुक्त घोषित किया गया था। तब से 24 अक्टूबर को दुनिया भर में विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है। पोलियो विषाणु से मुख्यत छोटे बच्चों में होता है। यह बीमारी बच्चे के किसी भी अंग को जिंदगी भर के लिए कमजोर कर देती है। पोलियो लाइलाज है। बचाव ही इस बीमारी का एकमात्र उपाय है।