घुमारवीं में इंटक के तत्वावधान में आउटरीच मीटिंग व ट्रेड यूनियन शिक्षा कार्यशाला में मौजूद लोग।
श्रम कल्याण बोर्ड के माध्यम से गरीब मजदूरों को दी जा रही वित्तीय सुविधाएं
घुमारवीं में हुई आउटरीच मीटिंग और ट्रेड यूनियन की शिक्षा कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। इंटक से संबद्ध हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कॉन्ट्रैक्चुअल वर्कर्स यूनियन, हिमाचल बिल्डिंग-कंस्ट्रक्शन और मनरेगा मजदूर यूनियन की ओर से घुमारवीं में आउटरीच मीटिंग और ट्रेड यूनियन शिक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया।
संवेदना चैरिटेबल संस्था घुमारवीं की उपाध्यक्ष मुख्यातिथि सोनिका धर्माणी ने कहा कि इंटक हमेशा मजदूरों के हित में कार्य करती रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से श्रम कल्याण बोर्ड के माध्यम से गरीब मजदूरों को वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इंटक की ओर से जागरूकता शिविरों के माध्यम से निर्माण मजदूरों की सेवा की जा रही है। इंडियन नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन-फॉरेस्ट वर्कर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव एवं पंजाब इंटक महासचिव ने कहा कि ट्रेड यूनियनों के संघर्ष के कारण ही 1947 में मजदूरों के हित में 44 श्रम कानून बने, जिन्हें वर्तमान सरकार ने चार लेबर कोड में बदल दिया। उन्होंने डिजिटल माध्यम से मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा को और सशक्त बनाने पर भी जोर दिया। यूनियन के राज्य महासचिव जगत राम शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर मजदूरों के साथ छल किया है। उन्होंने महात्मा गांधी को मजदूरों का सच्चा हितैषी बताते हुए कहा कि इसी कारण पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने नरेगा के साथ उनका नाम जोड़ा। कार्यशाला में हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान उमेश शर्मा, ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कॉन्ट्रैक्चुअल वर्कर्स यूनियन के राज्य महासचिव जगतार सिंह बैंस, उपाध्यक्ष धर्म सिंह सहगल, कांगड़ा इंटक अध्यक्ष संजय सैनी, ऊना जिला इंटक अध्यक्ष नरेश ठाकुर, बिलासपुर इंटक अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर, हमीरपुर इंटक महासचिव रमेश कुमार,वित्त सचिव विनोद कुमार सहित सैकड़ों पदाधिकारी व मजदूर मौजूद रहे।