अमर उजाला इंपैक्ट
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया हालात का जायजा
जर्जर मकान में रहने को मजबूर प्रियंका शर्मा को दी पांच हजार की तत्काल सहायता
आवास व सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत सुन्हाणी के डोहरा की रहने वाली बेसहारा बहनों की समस्या को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। माता-पिता के निधन के बाद प्रियंका शर्मा और उनकी बहन लंबे समय से जर्जर मकान के चलते रिश्तेदारों के घर में रहने को मजबूर हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मकान का जायजा लिया और प्रियंका को पांच हजार की आर्थिक सहायता दी।
मकान की हालत इतनी खराब है कि उसमें रहना असुरक्षित हो गया है, जिसके चलते दोनों बहनें रिश्तेदारों के घर में शरण लेने को मजबूर हैं। बुधवार को तहसीलदार विपिन शर्मा और बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) पवन कुमार अन्य अधिकारियों के साथ प्रियंका के घर पहुंचे। प्रशासनिक टीम ने मौके पर मकान की स्थिति का निरीक्षण किया और प्रियंका से विस्तार से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने मकान की जर्जर हालत, आर्थिक स्थिति और सामाजिक हालात का आकलन किया। तहसीलदार विपिन शर्मा ने मौके पर ही प्रियंका को पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की, ताकि दैनिक जरूरतों में राहत मिल सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता दी जाएगी और पात्रता के अनुसार उन्हें आवास से जुड़ी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सीडीपीओ पवन कुमार ने बताया कि बेसहारा बहनों को सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं से जोड़ने की दिशा में प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों से भी समन्वय किया जाएगा, ताकि प्रियंका और उनकी बहन को स्थायी समाधान मिल सके। प्रशासन की इस पहल से बेसहारा बहनों को राहत की उम्मीद जगी है।