जुखाला में पांच दिवसीय समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न
दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए शिक्षकों को मिला व्यावहारिक मार्गदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर जुखाला में दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन शुक्रवार को हुआ। प्रथम सत्र में स्रोत समन्वयक राकेश कुमार ने समावेशी शिक्षा में अधिगम संवर्धन विषय पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने समावेशी कक्षा में प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता बढ़ाने के प्रभावी उपाय, विभेदित शिक्षण पद्धति, सतत एवं समग्र मूल्यांकन, व्यक्तिगत प्रगति आधारित शिक्षण रणनीतियों पर प्रकाश डाला। दूसरे सत्र में स्रोत समन्वयक जितेंद्र सहगल ने पाठ्यचर्या अनुकूलन एवं समावेशी शिक्षा विषय पर व्यावहारिक उदाहरणों सहित चर्चा की। उन्होंने शिक्षण विधियों, शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम), कक्षा प्रबंधन और मूल्यांकन प्रक्रिया में आवश्यक संशोधनों की जानकारी दी, ताकि प्रत्येक बच्चा सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सके। समापन अवसर पर उप प्रधानाचार्य कुलदीप चंद शर्मा और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि समावेशी शिक्षा केवल नीति नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षक की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिए अध्यापकों की सराहना की और उम्मीद जताई कि वे अपने-अपने विद्यालयों में इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लागू करेंगे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और सभी ने समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह जानकारी मीडिया प्रभारी संजय सामा ने दी।