27 खैर के पेड़ों पर 27,000 रुपये की डैमेज रिपोर्ट काटकर विभाग ने की कार्रवाई
जिले में नहीं थम रहा है खैर के अवैध कटान का मामला, वन विभाग कार्रवाई करने में जुटा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। घुमारवीं बन परिक्षेत्र में अवैध खैर कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पंगियां क्षेत्र के बाद अब ग्राम पंचायत निहान के रैली गांव में खैर के पेड़ों को गैरकानूनी तरीके से काटे जाने का मामला सामने आया है। विभाग की जांच टीम ने मौके का निरीक्षण कर अवैध कटान की पुष्टि की है और 27 खैर के पेड़ों पर 27,000 रुपये की डैमेज रिपोर्ट काटकर कार्रवाई अमल में लाई गई है।
इससे पहले पंगियां क्षेत्र में निजी भूमि पर विभागीय अनुमति के बिना खैर के पेड़ों को काटा गया था। उस मामले में विभाग ने 60,000 रुपये की डैमेज रिपोर्ट जारी की थी और संबंधित वनरक्षक को जिला कार्यालय में तलब कर जवाब मांगा गया था। लगातार घटनाओं के सामने आने से संबंधित क्षेत्रों में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। घुमारवीं के वन परिक्षेत्र अधिकारी हंसराज ने बताया कि रैली क्षेत्र में निजी भूमि पर बिना किसी अनुमति खैर के पेड़ों को काटने की शिकायत के बाद विभाग ने मौके पर जांच की। निरीक्षण में पाया गया कि पेड़ों को दो से तीन फीट तक जमीन खोदकर काटा गया है, ताकि जमीन समतल दिखे और कटान का पता न चल सके। हालांकि, कई स्थानों पर पेड़ों के अवशेष, जड़ें और कटान के ताज़ा निशान अब भी मौजूद हैं, जो अवैध गतिविधि का स्पष्ट सबूत हैं। इन्हीं आधारों पर विभाग ने संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की है। परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अवैध रूप से काटे गए पेड़ों की संख्या 27 ही है या इससे अधिक पेड़ भी काटे गए हो सकते हैं। इसी कारण विभाग विस्तृत जांच कर रहा है ताकि वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सके। कहा कि जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पेड़ छिपाया न गया हो और कटान की सटीक संख्या सामने आ सके। हंसराज ने साफ कहा कि वन विभाग अवैध कटान करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शेगा नहीं। विभाग के पास मौके से मिले सबूत, कटान के तरीके और जड़ों की स्थिति के आधार पर कड़ी कार्रवाई करने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। कहा कि जो भी व्यक्ति बिना अनुमति पेड़ों की कटाई में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। लगातार हो रही खैर कटान की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ गई है।