मांगों को लेकर बिलासपुर में गरजे जिले भर के पेंशनर
पेंशनर बोले, सरकार का आर्थिक रोना केवल पेंशनरों तक सीमित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक वीरवार को बिलासपुर में हुई, जिसमें पेंशनरों ने कहा कि एक माह में यदि पेंशनरों की मांगे पूरी नहीं हुई तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन होगा। करीब 17 पेंशनर एसोसिएशन के पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए और सरकार के प्रति रोष प्रकट किया।
समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया कि अक्तूबर के पहले सप्ताह में सभी जिला मुख्यालयों में जिला स्तर पर वर्तमान सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। सभी संघों की जिला कार्यकारिणियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे अपने स्तर पर धरना प्रदर्शन की तैयारियां शुरू कर दें। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सुरेश ठाकुर ने कहा कि सरकार पेंशनरों के हकों पर कुंडली न मारे। जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत हुए पेंशनरों को छठे संशोधित वेतनमान की ग्रेच्यूटी व अन्य लाभ नहीं मिल रहे हैं। सरकार आर्थिक संकट का बहाना बनाकर प्रदेश के पेंशनरों को मिलने वाले देय आर्थिक लाभों पर कुंडली मार कर बैठी है जो सही नहीं है। इस वर्ग की जितनी भी देनदारियां लंबित हैं उन्हें समय पर देने का प्रबंध करे ताकि सरकार को पेंशनरों में पनप रहे रोष का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक संकट का रोना रो रही है तो क्या ये रोना केवल सिर्फ कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके लाभ देने के लिए है। अपने विधायकों और मंत्रियों के वेतन व भत्ते बढ़ाने हो तो प्रदेश में कोई आर्थिक संकट नहीं हैं। इस दोहरी नीति को सभी वर्ग व प्रदेश की जनता भी भली भांति समझ चुकी है जिसका सामना सरकार को आने वाले समय में करना पड़ेगा। इस बैठक में भूप राम वर्मा, ब्रह्मा नंद, हिम्मत राम शर्मा, बृज लाल ठाकुर, मदन लाल शर्मा, डीएस डटवालिया, शिव सिंह सेन, देव राज शर्मा, देवी लाल ठाकुर, चमन भाटिया, बीएस चंदेल, बलराम पुरी, राज कुमार, चेत राम वर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।