बिलासपुर एचआरटीसी वर्कशॉप में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करते चालक परिचालक। स्रोत: यूनियन
बिलासपुर में चालक-परिचालक संघ का सांकेतिक धरना
75 माह का नाइट ओवरटाइम और लंबित एरियर जारी करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश चालक एवं परिचालक संघ बिलासपुर ने अपनी लंबित मांगों को लेकर रविवार को एचआरटीसी वर्कशॉप और बस अड्डा बिलासपुर में संयुक्त रूप से सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके साथ सौतेला व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया।
धरने में विशेष रूप से पहुंचे चालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमर सिंह ठाकुर और प्रदेश उपाध्यक्ष जागीर सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एचआरटीसी कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को पिछले 75 महीनों से नाइट ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया गया है। प्रदेशभर के ओवरटाइम धारक कर्मचारियों का करीब 150 करोड़ रुपये बकाया है, जिसका भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। कर्मचारियों ने कहा कि महंगाई भत्ते की लंबित किस्तें भी जारी नहीं की जा रही हैं। इसके अलावा 4-9-14 का एरियर वर्ष 2016 से लंबित पड़ा हुआ है। वित्तीय लाभ नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को अपने परिवारों का पालन-पोषण करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि परिवहन निगम कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल रहा है। प्रदेश के अन्य सरकारी विभागों में कर्मचारियों को हर माह की पहली तारीख को वेतन मिल जाता है, जबकि एचआरटीसी कर्मचारियों को इसके लिए इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ हो रहा यह भेदभाव अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चालक-परिचालक संघ ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 जून तक कर्मचारियों की लंबित मांगों और भुगतानों का समाधान नहीं किया गया तो 25 जून से आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया कि 25 जून से प्रदेशभर में एचआरटीसी बसों का संचालन प्रभावित किया जाएगा और चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और निगम प्रबंधन की होगी। धरना-प्रदर्शन में चालक संघ के सचिव राकेश, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह, मदन, रामकृष्ण सहित बड़ी संख्या में चालक और परिचालक उपस्थित रहे।