आज से अभियान शुरू, 2735 किशोरियों का होगा टीकाकरण
सुरक्षा पर सख्ती, हर केंद्र पर डॉक्टरों की निगरानी, आपातकालीन दवाएं और सुविधाएं रहेंगी उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान 29 मार्च से शुरू होने जा रहा है। सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए चलाए जा रहे इस अभियान में इस बार स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी किशोरी को खाली पेट टीका नहीं लगाया जाएगा और टीकाकरण के बाद सभी को कम से कम आधे घंटे तक स्वास्थ्य केंद्र में निगरानी में रखा जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशिदत्त शर्मा ने बताया कि टीकाकरण पूरी तरह प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों की निगरानी में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई बार टीकाकरण के बाद हल्की प्रतिक्रिया की संभावना रहती है, ऐसे में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक केंद्र पर आवश्यक दवाइयां, प्राथमिक उपचार किट और आपातकालीन सुविधाएं पहले से उपलब्ध करवा दी गई हैं। उन्होंने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों को टीकाकरण के लिए भेजने से पहले भोजन अवश्य करवाएं, ताकि किसी प्रकार की कमजोरी या चक्कर आने जैसी स्थिति से बचा जा सके। साथ ही टीका लगने के बाद निर्धारित समय तक केंद्र पर रुकना अनिवार्य होगा। इस अभियान के तहत जिले के चार चिकित्सा खंड घुमारवीं, झंडुता, मारकंड और श्री नयना देवी जी में कुल 30 स्वास्थ्य संस्थानों को चिह्नित किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की कुल 2735 किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। पात्र किशोरियों की जन्म तिथि 28 फरवरी 2011 से 24 मई 2012 के बीच निर्धारित की गई है। टीकों के सुरक्षित भंडारण और आपूर्ति के लिए सभी खंडों में कोल्ड चेन प्वाइंट स्थापित किए गए हैं, ताकि टीकों की गुणवत्ता बनी रहे और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अभियान को तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 29 मार्च को, जबकि दूसरा और तीसरा चरण क्रमशः 5 अप्रैल और 12 अप्रैल को होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक किशोरियां इस अभियान का लाभ उठा सकें। यदि किसी कारणवश कोई किशोरी निर्धारित तिथियों पर टीकाकरण से वंचित रह जाती है, तो उसके लिए 19 अप्रैल, 10 मई, 24 मई और 21 जून 2026 को विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र किशोरी टीकाकरण से वंचित न रहे। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बहुस्तरीय रणनीति अपनाई है। आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह, पंचायती राज संस्थाएं और शिक्षा विभाग मिलकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। स्कूलों में पेरेंट्स मीटिंग आयोजित कर अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, इसके दुष्प्रभाव और टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
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समय पर टीकाकरण और जागरूकता से रोकी जा सकती है गंभीर बीमारी
सीएमओ ने बताया कि ह्यूमन पेपीलोमा वायरस (एचपीवी) महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है और यह देश में महिलाओं में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण, नियमित जांच और जागरूकता के माध्यम से इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपनी बेटियों को टीकाकरण केंद्रों तक जरूर पहुंचाएं और विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि यह अभियान सफल और प्रभावी बन सके।