होमगार्ड प्रशिक्षण मैदान दनोह में गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान
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बिलासपुर। होमगार्ड की पांचवीं वाहिनी ने प्रशिक्षण मैदान दनोह में 59वां गृहरक्षा एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस मनाया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त पंकज राय ने कहा कि 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान जान-माल की भारी क्षति को देखते हुए देश व प्रदेश की अतिरिक्त सुरक्षा को बनाए रखने के लिए होमगार्ड संगठन की स्थापना की गई थी। तब से गृहरक्षक पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गृहरक्षा पांचवीं वाहिनी के जवानों और अधिकारियों ने बेहतरीन सेवाओं की मिसाल पेश करते हुए सात राष्ट्रपति अवार्ड प्राप्त कर कर्तव्य निष्ठा का परिचय दिया है। इसके अतिरिक्त गृहरक्षा के जवानों ने कई संवेदनशील मौकों , दुर्घटनाओं, प्राकृतिक व मानव निर्मित आपदा के दौरान भी तत्परता के साथ अपने कार्य का निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि गृहरक्षकों ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए कंटेनमेंट जोन व कोविड हेल्थ केयर सेंटरों में लगातार ड्यूटी दी है। सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाकर सामाजिक सरोकार हेतु भागीदारी सुनिश्चित की है।
इस अवसर पर बेहतरीन सेवाओं, सांस्कृतिक और खेलों में उत्कृष्ट गृहरक्षकों को पुरस्कृत किया गया। इससे पूर्व उपायुक्त ने परेड की सलामी ली। गृहरक्षकों ने आत्मरक्षा और सिविल डिफेंस का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित किया। सांस्कृतिक कलाकृतियों के साथ होमगार्ड बैंड की मधुर धुन ने समा बांधे रखा। बटालियन के आदेशक भीम सिंह जम्वाल ने कहा कि पांचवीं वाहिनी में 6 पुरुष, एक महिला व एक तकनीकी प्लाटून स्थापित की गई है। इसमें 595 गृहरक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत लक्ष्मी नारायण मंदिर बिलासपुर को गोद लिया गया है। बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी जगदीश ठाकुर ने गृहरक्षकों के कार्यों की चर्चा की। समारोह में मुख्य अरण्यपाल वन वृत्त बिलासपुर अनिल कुमार शर्मा, उपनिदेशक सूचना एवं जन संपर्क मंडी जोन मंजुला कुमारी, अग्निशमन अधिकारी दीवान सिंह सहित वाहिनी के अधिकारी और जवान उपस्थित रहे।