केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं में हेपेटाइटिस दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मौजूद बच्चे व अध्यापक। स्रोत
केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं में मनाया गया विश्व हेपेटाइटिस दिवस
-भाषण, पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिता से किया बच्चों को जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं में सोमवार को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया गया। कार्यक्रम खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुपम शर्मा के निर्देश पर हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल रिंकू कुमारी ने की।
इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षिका लीला शर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ा एक गंभीर और जानलेवा रोग है। उन्होंने बताया कि यह रोग साइलेंट किलर के नाम से जाना जाता है क्योंकि इसकी पहचान अधिकतर मामलों में देर से होती है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से मरने वालों की संख्या एचआईवी, मलेरिया और टीबी जैसी बीमारियों से भी अधिक है। लीला शर्मा ने बताया कि विश्व हेपेटाइटिस दिवस हर साल लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिवस डॉ. बारूच बालमवर्ग के जन्मदिन की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने 1967 में हेपेटाइटिस-बी वायरस की खोज कर मात्र दो साल में इसका टीका भी विकसित कर लिया था। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस के पांच मुख्य वायरस ए, बी, सी, डी और ई होते हैं। बताया कि इसके लक्षणों में त्वचा का पीला पड़ना, गहरे रंग का पेशाब, मितली, उल्टी और पेट दर्द शामिल हैं। असुरक्षित यौन संबंध, एक ही सुई का बार-बार इस्तेमाल, अत्यधिक शराब सेवन और साफ-सफाई की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। इससे बचाव के लिए हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच बेहद जरूरी है। दिवस के अवसर पर विद्यालय में भाषण, पोस्टर मेकिंग और रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से विजेता छात्रों को इनाम बांटे गए। इस मौके पर किशोरावस्था समन्वयक सुभाष चौहान सहित विद्यालय का समूचा स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।