विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के चलते ओपीडी में बढ़ोत्तरी
शिशु चिकित्सा केंद्र के निर्माण के चलते जगह कम
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। बरसात के मौसम में जल जनित बीमारियों के साथ-साथ अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने से सिविल अस्पताल घुमारवीं में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के चलते इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में भी काफी वृद्धि हुई है। हालात यह हैं कि सुबह सात बजे से ही मरीज पर्ची बनवाने के लिए कतारों में लगने शुरू हो जाते हैं।
सिविल अस्पताल घुमारवीं में इन दिनों शिशु रोग, स्त्री रोग, चर्म रोग, हड्डी रोग सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार करवाने के लिए घुमारवीं क्षेत्र के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। सुबह अस्पताल खुलने से पहले ही मरीजों और उनके तीमारदारों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। पर्ची काउंटर पर भी मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता से लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है, लेकिन बढ़ती ओपीडी के कारण चिकित्सकों पर भी मरीजों की जांच और उपचार का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। चिकित्सकों को कम समय में अधिक मरीजों की जांच करनी पड़ रही है। वहीं, अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड की कमी भी सामने आ रही है।
बरसात के दौरान जल जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। उल्टी-दस्त, बुखार, संक्रमण सहित कई अन्य बीमारियों के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके अलावा पहले से बीमार मरीजों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण उपलब्ध बेड कम पड़ रहे हैं। स्थिति यह बन गई है कि कई मामलों में एक ही बेड पर दो मरीजों को भर्ती कर उपचार करना पड़ रहा है। इससे मरीजों के साथ-साथ उनके तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में जगह की कमी का एक प्रमुख कारण वर्तमान में चल रहा शिशु चिकित्सा केंद्र का निर्माण भी बताया जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते ऊपर के दो वार्ड खाली करवाने पड़े हैं, जिसके कारण कुछ बेड फिलहाल नहीं लगाए जा सके हैं। ऐसे में अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए उपलब्ध जगह सीमित हो गई है। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
कोट
मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अस्पताल प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। शिशु चिकित्सा केंद्र का निर्माण होने के कारण ऊपर के दो वार्ड खाली करने पड़े हैं, जिससे कुछ बेड नहीं लग पाए हैं और थोड़ी जगह की समस्या आई है। जल्द ही आईपीडी भवन भी शुरू हो जाएगा, जिसके बाद बेड की समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल अस्पताल में भर्ती मरीजों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है और उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है।
-डॉ. अनुपम शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं