अस्पताल में तैनात होगा अतिरिक्त डॉक्टर, रात में भी मिलेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। धार्मिक पर्यटन नगरी शाहतलाई में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। बाबा बालकनाथ मंदिर में माथा टेकने के लिए हर वर्ष हजारों श्रद्धालु देशभर से पहुंचते हैं। वहीं, शाहतलाई की स्थानीय आबादी भी पांच हजार से अधिक है। इसके बावजूद यहां स्वास्थ्य सुविधाएं लंबे समय से सीमित संसाधनों के सहारे संचालित हो रही हैं। अब श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और स्थानीय लोगों की जरूरतों को देखते हुए स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का निर्णय लिया गया है।
शाहतलाई क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन और दुर्घटनाओं की स्थिति में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। शाहतलाई अस्पताल में वर्तमान में केवल एक चिकित्सक कार्यरत है। वहीं रात के समय न तो डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं और न ही पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मी, जिसके कारण किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाल ही में शाहतलाई क्षेत्र में हुए बस हादसे के दौरान भी अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध नहीं थे। इस घटना ने क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर किया। इसी के मद्देनजर शाहतलाई अस्पताल में आवश्यक संसाधन बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया है।
क्षेत्र में शीघ्र ही अर्बन हेल्थ सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही शाहतलाई अस्पताल में एक अतिरिक्त चिकित्सक की तैनाती की जाएगी, ताकि मरीजों और श्रद्धालुओं को समय पर उपचार मिल सके। रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जाएगा और रात के समय डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंजगाईं में भी चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जाएगी, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। शाहतलाई धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से न केवल स्थानीय आबादी को लाभ मिलेगा, बल्कि बाबा बालक नाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को भी आपात स्थिति में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना सरकार की प्राथमिकता है। जिला प्रशासन को इसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।