झंडूता (बिलासपुर)। प्रदेश में लोगों की सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य केंद्र तो खोल दिए हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पिछड़ा क्षेत्र कोटधार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरोतन में पिछले दो साल से कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरोतन बिना चिकित्सकों के चल रहा है। लोगों को अपना इलाज करवाने के लिए अन्य अस्पतालों में जाना पड़ता है।
ग्राम पंचायत सलवाड़, धनी पखर, जेजवी के सिलवीं, डरोह, भदोल, मरोतन, फुफली चुलाना, धन्नड, मल्होट, ककरेड़, धनी, खरली, ससोटा, कुठेरन, धनौला आदि गांवों की चार हजार से ज्यादा जनसंख्या को घरद्वार स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरोतन के भवन का लाखों रुपये से निर्माण कराया। ताकि लोगों को घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। दो वर्षों से डॉक्टर नहीं होने से लोगों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरोतन में सरकार ने डॉक्टर का एक पद सृजित किया है। लेकिन यहां पर डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इसके कारण क्षेत्र के चार हजार लोगों को अपना इलाज अन्य अस्पतालों में जाकर करवाना पड़ रहा है।
इसके कारण लोगों का पैसा और समय बर्बाद हो रहा है। उन्हें परेशानियों से भी गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों श्याम सिंह परमार, रणजीत सिंह, सुदेश कुमारी, रमेश कुमार, इंद्र सिंह, धर्म सिंह, बलबीर सिंह, प्रेम सिंह, मंशा राम, जगत राम, इंदु बाला, रत्नी देवी, निर्मला देवी, चंपा देवी, सावित्री देवी, कौशल्या देवी, शीला देवी सहित अन्य लोगों ने डॉक्टर का पद शीघ्र भरने की मांग की है।
खंड स्वास्थ्य अधिकारी झंडूता अरविंद टंडन ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरोतन में डॉक्टर के खाली पद के बारे में आला अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।