बिलासपुर। कोरोना वायरस के खतरे से बचाव के लिए जिला दंडाधिकारी राजेश्वर गोयल ने धारा 144(़1) दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए पूरे जिला बिलासपुर में तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
इस दौरान आवश्यक वस्तुओं की दुकानें प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 2 बजे तक ही खुली रहेंगी। जबकि उन्होंने बताया कि आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी। आगामी आदेशों तक पूरे जिले में यह व्यवस्था लागू रहेगी। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कर्फ्यू के दौरान अपने घर में ही रहें और कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सहयोगी बनें।
उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सामाजिक दूरी सबसे कारगर उपाय है। घर से अनावश्यक बाहर न निकलें। सामाजिक दूरी से ही वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू के दौरा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 2 बजे तक राशन, करियाना, दूध, ब्रेड, फल, सब्जियां, मीट, मछली, बिना पक्के खाद्य पदार्थ के सामान की दुकानें और ऑपटिकल स्टोर की दुकानें खुली रहेंगी।
उन्होंने कहा कि इसमें यह भी ध्यान में रखना होगा की एक स्थान पर पांच से ज्यादा लोग एकत्रित नहीं होंगे और सामान लेकर सीधे घर वापस आएंगे। दवाइयों की दुकानें, मेडिकल इमरजेंसी में अस्पताल में आने वाले व्यक्तियों, फार्मास्यूटिकल और साबुन बनाने वाली इकाइयां और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों की गतिविधियां भी खुली रहेंगी। उन्होंने पेट्रोल पंप, एलपीजी गैस, तेल एजेंसियां ,उनके गोदाम और उनकी परिवहन संबंधी गतिविधियां भी जारी रहेंगी। उन्होंने बताया कि खाद्य, फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों सहित सभी आवश्यक वस्तुओं का ई-कॉमर्स, वितरण भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि उत्पादन और विनिर्माण इकाइयां, जिन्हें निरंतर प्रक्रिया की आवश्यकता होती है और समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अधिसूचित नियमों तथा उपायुक्त की अनुमति से जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अधिसूचित सभी बचाव नियमों के तहत दवाइयाें के लिए एलकोहल, सैनिटाइजर इकाइयां भी चालू रहेंगी। उत्पादन और विनिर्माण इकाइयां जिन्हें निरंतर प्रक्रिया की आवश्यकता होती है वे कार्य जारी रख सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर अधिसूचित किए गए सभी एहतियाती प्रोटोकॉल के बाद और आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद जारी रख सकते हैं। मजिस्ट्रेट ड्यूटी पर लगे सरकारी कर्मचारी, आवश्यक सेवा शुल्क और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कर्मचारी स्वास्थ्य अधिकारी, अग्निशमन सेवा, पुलिस, सैन्य, अर्धसैनिक बल और अन्य सुरक्षा बल जो राज्य या केंद्र सरकार के नियंत्रण में हैं।
संबंधित उपमंडल दंडाधिकारी की ओर से प्रमाणित सरकारी या अर्धसरकारी कर्मचारी जोकि कोविड-19 शमन ड्यूटी पर हैं। बिजली, पानी और नगर सेवाएं, बैंक एटीएम, आईटी और आईटी सहित दूरसंचार और इंटरनेट सेवाएं देते रहेंगे। यह आदेश जिला बिलासपुर के पूर क्षेत्र में तुरंत लागू होगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा। उन्होंने बताया कि आदेशों की उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के 188 और भारतीय दंड संहिता की धारा 269 और 270 के तहत भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है जिसके तहत व्यक्ति को 6 महीने का कारावास का प्रावधान है जो 2 साल तक का हो सकता है या जुर्माना भी हो सकता है और दोनों भी हो सकते हैं।