श्री नयना देवी(बिलासपुर)। कोरोना वायरस के चलते उत्तरी भारत का प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री नयना देवी जी को पूरी तरह से लॉक डाउन कर दिया गया है। इस तीर्थ स्थल को जोड़ने वाली सभी सड़कों में सख्त पुलिस का पहरा दिया जा रहा है। लोग अपने घरों में दुबक गए हैं तथा सारी और सन्नाटा छाया हुआ है।
25 मार्च से चैत्र नवरात्रों का आगाज हो रहा है। ऐसे में एक भी श्रद्धालु को संक्रामक रोग अपनी चपेट में न ले इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सजग है तथा सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी पूरी नजर क्षेत्र में रखी हुई है। जनता भी सरकार का तथा अधिकारियों के आदेशों का पूरी तरह से पालन कर रही है।
चैत्र नवरात्रों के चलते जहां पूरा क्षेत्र माता के जयकारों से गूंजता था आज एक परिंदा भी यहां पर पर नहीं मार सकता तथा पूरी सुनसान पड़ी गलियां तथा बाजार यह ब्यान कर रहे हैं कि अगर माता जी का मंदिर बंद रहा तो कितनी जनता प्रभावित होगी। अब जबकि कल से चैत्र नवरात्रों का आगाज हो रहा है तथा हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कल से नववर्ष का भी आगाज हो रहा है ऐसे में माता के मंदिर में झंडा रस्म भी आवश्यक है तथा माता जी का नियमित पूजा पाठ भी आवश्यक है। इस पर नयना देवी मंदिर के अध्यक्ष सुभाष गौतम ने बताया कि बहुत कम पुजारी लोग माता के भवन में जाएं तथा रस्मों को अंजाम दें तथा पूजा अर्चना कर अपने घरों में लौट जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी यात्री को मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा, मात्र दो या तीन पुजारी ही रस्मों को निभाएं।
उन्होंने कहा कि पुजारी लोग अपने घरों में माता जी का पूजा पाठ करें। नियमित माता की आरतियां हो रही हैं। लोगों को ऑनलाइन दर्शन करवाए जा रहे हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि आगामी आदेशों तक अपने घरों में रहें तथा सरकार के आदेशों का पालन करते रहें।
उधर पंजाब में कर्फ्यू के चलते पंजाब, हिमाचल सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है जिस तरह से एनआरआई पंजाब में हजारों की संख्या में आ रहे हैं ऐसे में हिमाचल पुलिस ने सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया है तथा किसी भी बाहरी व्यक्ति को सीमा के अंदर नहीं आने दिया जा रहा है।