बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर के पूर्व छात्रसंघ एवं अर्थशास्त्र और हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. पीएस कटवाल ने कहा कि आज के समय में किशोरावस्था में बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सामाजिक दबावों के कारण किशोरावस्था में बालिकाएं मानसिक रूप से अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही हैं। विद्यालय का दायित्व केवल शैक्षणिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भावनात्मक एवं मानसिक संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हमारा प्रयास है कि विद्यालय में ऐसी सकारात्मक और सहयोगपूर्ण वातावरण का निर्माण किया जाए, जहां बालिकाएं अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि हम किशोरी बालिकाओं को सही दिशा और भावनात्मक सहयोग प्रदान करें, तो वह न केवल शैक्षणिक रूप से सफल होंगी, बल्कि आत्मनिर्भर, सशक्त और मानसिक रूप से स्वस्थ नागरिक बनकर उभरेंगी।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. शालिनी शर्मा ने छात्राओं को तनाव से किस प्रकार बचाव किया जा सकता है इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मोबाइल का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इस अवसर पर हिंदी विभाग से डॉ. श्याम लाल, पूर्व छात्र संघ के जनरल सेक्रेटरी डॉ. सुरेंद्र, पूर्व छात्र संघ के प्रधान तरुण ताड़ू आदि उपस्थित रहे।