बिलासपुर। कोट थाना में कार्यरत एक हेड कांस्टेबल को रिश्वतखोरी महंगी पड़ी है। एसपी ने हेड कांस्टेबल को सस्पेंड करने के साथ ही लाइन हाजिर कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। इसका जिम्मा एएसपी बिलासपुर अमित शर्मा को सौंपा गया है। वहीं, आरोपी हेड कांस्टेबल के खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए विजिलेंस मंडी को भी मामले की रिपोर्ट भेजी गई है। अवैध शराब तथा अन्य नशीले पदार्थों के गोरखधंधे के लिए बदनाम मजारी क्षेत्र कोट थाना के अंतर्गत आता है।
जानकारी के अनुसार मजारी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने नयनादेवी के डीएसपी से शिकायत की थी कि कोट थाना में करीब 5 माह पूर्व तैनात हेड कांस्टेबल किसी मामले को लेकर उससे रिश्वत की मांग कर रहा है। डीएसपी ने एसपी बिलासपुर को इससे अवगत करवाया। इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी दिवाकर शर्मा ने कांस्टेबल को सस्पेंड करने के साथ ही उसे पुलिस लाइन में भेजने के आदेश जारी कर दिए। उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए। यह जांच एएसपी अमित शर्मा करेंगे। भ्रष्टाचार का मामला होने की वजह से उचित कार्रवाई के लिए इसकी रिपोर्ट विजिलेंस मंडी को भी भेजी गई है। इसके अलावा इस मामले को लेकर कोट थाना के एसएचओ को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले पिछले साल कोट थाना के तत्कालीन एसएचओ को भी सस्पेंड किया गया था। उसके खिलाफ यह कार्रवाई बतौर एसएचओ करीब डेढ़ साल के कार्यकाल में एनडीपीएस का एक भी मामला नहीं पकड़ने पर की गई थी। तत्कालीन एसएचओ पर भी नशा माफिया से सांठगांठ और पैसों के लेनदेन का आरोप था। इसी कड़ी में भ्रष्टाचार को लेकर अब हेड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एसपी दिवाकर शर्मा ने कहा कि किसी भी पुलिसकर्मी की भ्रष्टाचार में संलिप्तता कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।