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सिविल अस्पताल घुमारवीं में ओपीडी तत्काल हो बहाल, अन्यथा देंगे धरना - वरिष्ठ नागरिक

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भगेड़(बिलासपुर)। वरिष्ठ नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिविल अस्पताल घुमारवीं को आम लोगों के लिए खोलने को लेकर एसडीएम राजीव ठाकुर को ज्ञापन सौंपा।
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वहीं, ओपीडी को तुरंत बहाल करने की माग उठाई है। उन्होंने सरकार को चेताया भी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रदेश सरकार ने ओपीडी को आम लोगों के लिए नहीं खोला तो वे धरना देने को विवश होंगे।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग 103 पर स्थित सिविल अस्पताल घुमारवीं न केवल घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र, बल्कि सदर और झंडूता विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों को भी स्वास्थ्य सुविधाएं देता है।
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इतना ही नहीं राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर स्थित होने के कारण यहां गाड़ियों का आवागमन अधिक है। ऐसे में जब भी कोई हादसा हो जाए तो घुमारवीं अस्पताल ही मात्र तत्काल उपचार के लिए पहुंचने का साधन होता है, लेकिन कुछ समय पहले प्रदेश सरकार ने इसे कोविड केयर सेंटर भी घोषित किया था। उन्होंने बताया कि उस समय भी शहर के बीचोंबीच स्थित इस अस्पताल को कोविड केयर सेंटर बनाने का लोगों ने विरोध किया था, लेकिन इसके बाद भी सिविल अस्पताल घुमारवीं को कोविड केयर सेंटर बना दिया गया। अस्पताल इकाई घुमारवीं महासचिव जगदीश चंद ने बताया कि हाल ही में यहां एक व्यक्ति को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने थे तो यह कहकर चलता कर दिया गया कि यहां सामान्य मरीजों का उपचार नहीं हो रहा है। एक अन्य मामले में जब एक लावारिस बैल की ओर से व्यक्ति को बुरी तरह से घायल कर दिया तो उसको भी समय पर उपचार नहीं दिया गया। वरिष्ठ नागरिकों ने प्रदेश सरकार से अभिलंब सिविल अस्पताल में ओपीडी बहाल करने का आग्रह किया है।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर ओपीडी बहाल नहीं की गई तो वह मजबूरन धरना देने को विवश होंगे। प्रतिनिधिमंडल में दरिद्र नारायण कल्याण समिति हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष मिलाप सिंह, अस्पताल इकाई घुमारवीं अध्यक्ष शहजाद चौहान, कोषाध्यक्ष किशोर चंद, मुख्य सलाहकार रविंद्र कुमार, उपाध्यक्ष सुखदेव अत्री सहित अनेक वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे।
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