- कनिष्ठ अभियंता संघ ने उठाई मांग, जताया एतराज
- कर्मचारी नेता बोले, नई सरकार ने भी सेवा विस्तार की प्रथा को जारी रखा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश कनिष्ठ अभियंता संघ ने लोक निर्माण विभाग में आला अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद दिए जा रहे जा रहे सेवा विस्तार पर एतराज जताया है। संघ ने इस कुप्रथा पर तुरंत प्रभाव से विराम लगाने की मांग मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य से की है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष राजीव कुमार, महासचिव विजय धीमान, कानूनी सलाहकार सीता राम ठाकुर ने कहा कि पिछली सरकार में यही रोना था और नई सरकार ने भी इसी प्रथा को जारी रखा है। इससे अभियंता वर्ग को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। जीवन में सौभाग्य से मिली सरकारी सेवा का पूरा आनंद लेने के बाद सेवानिवृत्ति का लालच समझ से परे है। अभी हाल ही में प्रदेश सरकार ने एक अधीक्षण अभियंता और एक अधिशासी अभियंता पर मेहरबानी की है, जो अन्य सेवारत और बेरोजगार अभियंताओं के भविष्य से सरेआम खिलवाड़ है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के तहत इन दोनों अधिकारियों को आगामी छह माह का सेवा विस्तार दिया गया है। प्रदेश में सैकड़ों अभियंता ऐसे हैं जो हाथों में डिग्रियां लेकर नौकरी की आस में बैठे हैं। उनके अभिभावकों ने अपने जीवन की कमाई का अहम हिस्सा इन बच्चों की पढ़ाई और डिग्री प्राप्त करने में लगाया है, लेकिन सरकार की यह प्रथा यदि ऐसे ही चलती रही तो शायद ही उन्हें कभी सरकारी नौकरी में सेवा करने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में भी इस प्रकार की नौटंकी चलती रही, लेकिन व्यवस्था परिवर्तन के इस दौर में यह रिवाज बदस्तूर जारी है जोकि अभियंताओं के भविष्य को लेकर सही नहीं है। हिमाचल प्रदेश कनिष्ठ अभियंता संघ के तमाम पदाधिकारियों ने मांग की है कि इस कुप्रथा को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए, ताकि अन्य लोगों के लिए पदोन्नति और सेवा देने की अवसर खुल सकें।