बिलासपुर। ईश्वर सर्वशक्तिमान हैं। वह कण-कण में विद्यमान हैं। अपने भक्तों के एक बुलावे पर वह खुद उनके पास दौडे़ चले आते हैं। जरूरत केवल उन्हें श्रद्धा और भक्ति भाव से पुकारने की है।
यह विचार कथा व्यास पंडित पंकज शर्मा ने शहर के साथ लगते दनोह-कुनाला स्थित गोपाल मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह में प्रवचन करते हुए प्रकट किए। शर्मा ने कहा कि भगवान की कृपा उनके हर भक्त पर हमेशा बनी रहती है। उनकी कृपा के बिना मनुष्य का जीवन बेकार है। भागवत कथा ज्ञान का एक सागर है, जो मनुष्य के जीवन को नई दिशा देता है। कथा को आत्मसात करने से इंसान की बुराइयां भी खत्म होती हैं। कथा का श्रवण जाने-अनजाने किए गए पापों से मुक्ति दिलाने वाला है। मनुष्य को चाहिए कि वह ईश्वर के नाम का निरंतर जप करता रहे। कलियुग में ईश्वर का स्मरण करके ही मनुष्य भवसागर को पार कर सकता है। उन्होंने भगवान की कई लीलाओं का वर्णन भी किया।