घुमारवीं के माता नैना देवी मंदिर टकरेड़ा में आयोजित कथा में मौजूद श्रद्धालु। संवाद
नैना देवी मंदिर परिसर टकरेड़ा में 7 दिवसीय कथा सम्पन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत घुमारवीं के गांव टकरेड़ा स्थित नैना देवी मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विधिवत पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। इस मौके पर विशाल भंडारा हुआ, जिसमें लोगों ने श्रद्धाभाव से प्रसाद ग्रहण किया।
कथा के अंतिम दिवस पर मुख्य प्रसंग भगवान श्री कृष्ण और सुदामा की अद्वितीय मित्रता का हृदयस्पर्शी वर्णन भागवताचार्य आचार्य बृजेश गोस्वामी महाराज ने प्रस्तुत किया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि सुदामा निर्धन अवश्य थे लेकिन हृदय में भक्ति का खजाना था। भगवान श्रीकृष्ण ने हमें सिखाया कि सच्चा मित्र धन से नहीं भाव से पहचाना जाता है। जो प्रेम और भक्ति से प्रभु को पुकारता है उसे ईश्वर कभी खाली हाथ नहीं जाने देते। सुदामा के द्वारका आगमन, श्री कृष्ण द्वारा चरणों में झुककर स्वागत, चावल की पोटली का भावपूर्ण आनंद प्रदान और बिना मांगे मित्र का जीवन बदल देना उन प्रसंगों का वर्णन होते ही पूरा कथा स्थल जय श्रीकृष्ण जय सुदामा के जयघोष से गूंज उठा। पूर्णाहुति बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। दोपहर बाद हुआ। आयोजन श्याम लाल शर्मा, युवक मंडल टकरेड़ा और स्थानीय श्रद्धालुओं ने सभी का धन्यवाद किया। कथा स्थल पर बैठने, जलपान, प्रसाद वितरण, पार्किंग और साफ-सफाई व्यवस्था की श्रद्धालुओं ने सराहना की।