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Bilaspur News: घुमारवीं का सेल्फी प्वाइंट बना लापरवाही की तस्वीर

Sat, 07 Feb 2026 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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सीरखड्ड के पुराने पुल के समीप करीब दो वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सेल्फी प्वाइं
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लाखों की लागत से बना स्थल दो साल में बदहाल, अवैध कब्जे ने बढ़ाई चिंता
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं( बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के अंतर्गत सीर खड्ड के पुराने पुल के समीप लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सेल्फी प्वाइंट आज बदहाली का शिकार होकर प्रशासनिक लापरवाही की कहानी सुना रहा है। करीब दो वर्ष पूर्व शहर की सुंदरता बढ़ाने, युवाओं और पर्यटकों को आकर्षित करने और घुमारवीं को आधुनिक पहचान देने के उद्देश्य से बनाया गया यह सेल्फी प्वाइंट अब उपेक्षा और अव्यवस्था का प्रतीक बन गया है।
देश-प्रदेश के कई शहरों की तर्ज पर बनाए गए सेल्फी प्वाइंट से जहां शहर को नई पहचान मिलने की उम्मीद थी, वहीं देखरेख के अभाव में यह स्थल पूरी तरह उजड़ चुका है। न नियमित सफाई हुई और न ही रखरखाव की कोई व्यवस्था की गई। हालत यह है कि जो स्थान कभी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनने वाला था, वह आज वीरान और उपेक्षित पड़ा है। सबसे गंभीर और चौंकाने वाली बात यह है कि सेल्फी प्वाइंट के ठीक सामने एक खोखा नुमा दुकान खड़ी कर दी गई। यह कथित कब्जा किसकी अनुमति से हुआ, किसके संरक्षण में हुआ और कैसे हुआ, इसकी जानकारी न तो नगर परिषद के पास है और न ही प्रशासन के पास। यह स्थिति तब और हैरान करने वाली हो जाती है जब यह स्थल नगर परिषद और प्रशासनिक कार्यालय से मात्र 500 मीटर की दूरी पर, राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है। यहां से प्रतिदिन अधिकारियों का आना-जाना होता है, इसके बावजूद अवैध कब्जे और बदहाली पर किसी की नजर न पड़ना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्या नगर परिषद की जिम्मेदारी सिर्फ निर्माण तक ही सीमित है? क्या जनता के खून-पसीने की कमाई से बने ढांचों की देखभाल करना प्रशासन की प्राथमिकता नहीं है? निर्माण के बाद सुरक्षा, संरक्षण और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी आखिर किसकी है यह सवाल अब आमजन खुलकर पूछ रहे हैं। लोगों की स्पष्ट मांग है कि इस मामले की तुरंत जांच हो, अवैध कब्जे को हटाया जाए और सेल्फी प्वाइंट को दोबारा संवार कर जनता को समर्पित किया जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की सार्वजनिक संपत्तियों की नियमित देखरेख के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए।
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उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी खेमचंद वर्मा ने बताया कि नगर परिषद द्वारा सेल्फी पॉइंट का निर्माण नहीं करवाया गया था। इस बात की जानकारी नहीं है कि निर्माण किसने करवाया था और देखरेख की जिम्मेवारी किसकी है। इसके साथ ही जो आगे खोखानुमा दुकान बनाई गई है उसे हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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