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Bilaspur News: घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान आज से

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संस्कार संस्था गांवों में चलाएगी चिट्टे के खिलाफ अभियान
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-युवा शुरू में शौक के लिए लेते हैं चिट्टा, बाद में बन जाती है मजबूरी

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। समाज में बढ़ता नशा आज हमारी युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है। नशे में चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग) का प्रयोग बड़ी मात्रा में हो रहा है। यह नशा न केवल परिवार और समाज को नुकसान पहुंचा रहा है बल्कि परिवारों को आर्थिक रूप से भी कमजोर कर रहा है। यह बात संस्कार संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने घुमारवीं में प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि संस्कार संस्था ने चिट्टे के खिलाफ काम करने का निर्णय लिया है।
संस्था घुमारवीं में घुमारवीं अगेंस्ट चिट्टा अभियान शुरू करने जा रही है। इसमें शिक्षा संस्थान, सामाजिक संस्थाएं, पेंशनर्स, ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन सबको लेकर एक अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान में कोआर्डिनेशन के माध्यम से गतिविधियां चलाई जाएंगी। धर्माणी ने कहा कि इस अभियान का पहला चरण 15 अक्तूबर यानी रविवार को शुरू किया जा रहा है, जो 31 दिसंबर तक चलेगा । शुरुआत में नौजवान नासमझी या शौक के तौर पर नशे का प्रयोग करता है, लेकिन बाद में यही नशा उसकी मजबूरी और आदत बन जाती है। वह लाचार हो जाता है और असहाय होकर कई अनैतिक कार्य करने के लिए बाध्य हो जाता है। चिट्टा रूपी नशा करने वाला युवा धीरे-धीरे अपना शारीरिक व मानसिक संतुलन खो बैठता है। आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि विधानसभा में 25 सितंबर 2023 को प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार 18 माह में 4445 लोग गिरफ्तार हुए, इस वर्ष 11.414 किलोग्राम चिट्टा पकड़ा गया। कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हमारे भविष्य अर्थात हमारी युवा पीढ़ी लड़के और लड़कियों को नशे के गर्त में धकेलने की कोशिश अलग-अलग प्रकार से हो रही है। इस बुराई के बारे में हम सब जानते हुए भी मौन हैं तथा विभिन्न कारणों से आवाज उठाने में अपने आपको असमर्थ महसूस करते हैं।
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उन्होंने कहा कि इसका दूसरा पहलू यह भी है कुछ असामाजिक तत्व समाज के अपने आर्थिक लाभ के लिए युवाओं को इस नशे के चंगुल में फंसाने का घृणित कार्य कर रहे हैं और यही नशे के सौदागर पुलिस के चंगुल से बचने के लिए राजनीतिक संरक्षण पाने का प्रयास भी करते हैं। इसमें कुछ हद तक ये कामयाब भी हो जाते हैं। अब समय आ गया है कि इस समस्या पर गंभीरता से चिंतन करें और आगे बढ़कर इस बुराई के विरोध में समाज के प्रत्येक वर्ग को जागृत करें और युवा पीढ़ी को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करें। इसके लिए संस्था गांव गांव में निगरानी समिति बनाएगी। व्यक्तिगत रूप से लोगों के साथ मिलकर इस अभियान से जोड़ा जाएगा। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष की कुंदन रतवान, बाबूलाल धर्माणी, अनिल धर्माणी, तिलक राज कुंदन रतन मौजूद रहे।
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