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Bilaspur News: घरों से महीनों से नहीं उठा कूड़ा, पार्षद खुद स्कूटी पर लादकर ले जा रहे बोरियां

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नगर परिषद घुमारवीं में कूड़ा ले जाते पार्षद रामपाल। संवाद
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नगर परिषद घुमारवीं के आंबेडकर वार्ड में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
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नगर परिषद को शुल्क देने के बावजूद घर-घर से कूड़ा उठाने की सुविधा ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं की सफाई व्यवस्था के दावों के बीच वार्ड नंबर तीन अंबेडकर वार्ड की स्थिति सवाल खड़े कर रही है। यहां कई महीनों से घरों से नियमित कूड़ा नहीं उठ रहा है। घरों में कूड़ा जमा होने से परेशान लोगों की समस्या जब नगर परिषद स्तर पर दूर नहीं हुई तो वार्ड पार्षद रामपाल खुद घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए उतर गए। पार्षद लोगों के घरों से कूड़ा एकत्र कर बोरियों में भर रहे हैं। इसके बाद इन बोरियों को अपनी स्कूटी पर लादकर ले जा रहे हैं। सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर परिषद की है, लेकिन वार्ड में हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों के घरों से कूड़ा उठाने का काम निर्वाचित पार्षद को खुद करना पड़ रहा है। लंबे समय से कूड़ा न उठने के कारण वार्ड के लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। घरों में कूड़ा जमा होने के साथ कई स्थानों पर गंदगी की स्थिति भी बन रही है। लोगों का कहना है कि जब नगर परिषद को सफाई व्यवस्था के लिए शुल्क दिया जा रहा है तो नियमित कूड़ा उठाने की सुविधा क्यों नहीं मिल रही। पार्षद रामपाल ने कहा कि बैठकों और आश्वासनों से लोगों की समस्या दूर नहीं होगी। नगर परिषद को मौके पर उतरकर व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी। यदि समय रहते कूड़ा उठाने की व्यवस्था नियमित नहीं की गई तो गंदगी से स्वच्छता संबंधी समस्या के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने नगर परिषद से घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था तत्काल शुरू करने और लंबे समय से व्यवस्था प्रभावित रहने का कारण स्पष्ट करने की मांग की। वार्ड में पार्षद के खुद कूड़े की बोरियां उठाकर घर-घर जाने की तस्वीर नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गई है।
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कई बार उठाया मामला, फिर खुद संभाली कमान
पार्षद रामपाल के अनुसार उन्होंने वार्ड की समस्या को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष और कार्यकारी अधिकारी के समक्ष कई बार मामला उठाया। घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था जल्द बहाल करने का आग्रह भी किया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। इसके बाद लोगों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने खुद कूड़ा उठाने का फैसला लिया। रामपाल ने कहा कि जनता नगर परिषद को सफाई व्यवस्था के लिए शुल्क देती है। ऐसे में घरों से कूड़ा उठाना परिषद की जिम्मेदारी है। कई महीनों तक कूड़ा नहीं उठना व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक लाभ या दिखावे के लिए नहीं, बल्कि लोगों की परेशानी को देखते हुए यह काम कर रहे हैं।
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