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Bilaspur News: पैसा उपलब्ध, फिर भी वर्षों से अटके काम, अधिकारियों से मांगा जवाब

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बिलासपुर में आयोजित दिशा की बैठक में मौजूद सांसद व अधिकारी। स्रोत: डीपीआरओ
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दिशा की बैठक में सांसद अनुराग ने समयसीमा तय कर काम पूरा करने के दिए निर्देश
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टीबी से 92 मौतों पर सवाल, डॉक्टरों की कमी और अस्पतालों की व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शनिवार को सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में केंद्र की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध होने के बावजूद काम लंबित रहने का मामला उठा। सांसद ने अधिकारियों से जवाब मांगा और आपसी समन्वय से लंबित कार्यों की समयसीमा तय कर उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में टीबी से हुई 92 मौतों का मामला उठा। सांसद ने टीबी मुक्त बिलासपुर के प्रयासों की जानकारी ली और अभियान को पंचायत स्तर तक ले जाने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत की दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित होने का मामला भी सामने आया। राज्य सरकार की हिस्सेदारी जमा न होने के कारण भुगतान अटकने की जानकारी दी गई। एम्स में हिमकेयर की लंबित राशि के लिए 10 करोड़ रुपये जारी किए जाने की जानकारी दी गई। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पर सदस्यों ने चिंता जताई। कुछ संस्थानों में जरूरत से अधिक चिकित्सक होने और कई जगह कमी का मामला उठाया गया। नई नियुक्तियां होने तक अधिक डॉक्टर वाले संस्थानों से प्रतिनियुक्ति पर जरूरत वाले क्षेत्रों में चिकित्सक भेजने का सुझाव दिया गया। एचपीवी टीकाकरण की दर 47 प्रतिशत होने पर जागरूकता अभियान तेज करने को कहा गया। विधायक त्रिलोक जमवाल ने क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर के प्रतीक्षालय का मामला उठाया। सीएमओ ने बताया कि करीब 18 लाख रुपये हिमुडा के पास आए थे, जिसकी जानकारी बाद में हुई। अब संशोधित अनुमान करीब 39 लाख रुपये का तैयार किया गया है। मरीजों के जरूरी इंप्लांट अस्पताल में ही उपलब्ध करवाने की मांग भी उठी। घुमारवीं अस्पताल में प्रसव के दौरान बच्चे की मौत के मामले में सीएमओ ने जांच की बात कही। बैठक में उपायुक्त राहुल कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष लेख राम, एसपी अभिषेक धीमान, एडीसी रूपिंदर कौर, डॉ. ऋतिक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।
तलाई अस्पताल और एम्स की सुविधाओं पर चर्चा
तलाई अस्पताल को 24 घंटे खोलने और सीएचसी पंजगाईं व तलाई के भवनों का काम शुरू न होने का मामला उठा। पीडब्ल्यूडी ने पंजगाईं के लिए संशोधित टेंडर लगाने की जानकारी दी। एम्स में पार्किंग और सीएचसी-पीएचसी से बड़ी संख्या में मरीज रेफर होने पर भी चर्चा हुई। सीएमओ ने रेफरल रजिस्टर का ऑडिट कराने की बात कही। मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने में 21 दिन लगने के मामले में ऑनलाइन व्यवस्था शुरू कर अब 10 दिन में प्रमाणपत्र उपलब्ध करवाने की जानकारी दी गई।
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स्मार्ट मीटर और अवैध खनन पर मांगा जवाब
तल्याणा में स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान ग्रामीणों की आपत्ति के बावजूद बिजली काटने और पुलिस भेजने का मामला विधायक त्रिलोक जमवाल ने उठाया। बिजली बोर्ड ने बताया कि पुलिस किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गई थी। अवैध खनन पर रणधीर शर्मा और जीत राम कटवाल ने कार्रवाई का मुद्दा उठाया। छह माह में तीन छापों की जानकारी दी गई। सदस्यों ने बड़े टिपरों और मशीनों पर कार्रवाई का अलग-अलग आंकड़ा मांगा। गरा मौड़ा के पास चेक पोस्ट बनाने की जानकारी दी गई।
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सड़क, पानी, शिक्षा और योजनाओं के काम अटके
जकातखाना और औद्योगिक क्षेत्र की खराब सड़कों का मामला उठा। पीडब्ल्यूडी ने मैनपावर और धन की कमी बताई। पेयजल गुणवत्ता और तकनीकी कर्मचारियों की कमी पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं के अस्थायी भवन में चलने पर भूमि चयन की समयसीमा तय करने और एम्स केंद्रीय विद्यालय के लिए दो-तीन भूमि विकल्प देने के निर्देश दिए गए। पीएम विश्वकर्मा योजना के 266 मामलों में केवल 107 को ऋण मिलने पर बाकी मामलों की स्थिति बताने को कहा गया। एमपीएलएडीएस और पीएमजीएसवाई के कार्यों में सांसद को सूचना नहीं देने और नाम पट्टिका नहीं लगाने का मामला भी उठा। निजी बसों के पुराने रूट पर नहीं चलने की शिकायत पर आरटीओ ने चालान और आगे सख्ती की बात कही।
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