फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bilaspur News: रामपुर में सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, किया चक्काजाम

विज्ञापन
राष्ट्रीय आह्वान पर रामपुर में रोष रैली निकालते सीटू, किसान सभा और एसएफआई के कार्यकर्ता। संवाद
विज्ञापन
. केंद्र सरकार के खिलाफ सडक़ों पर उतरे मजदूर, किसान, कर्मचारी, पशु पालक और छात्र
विज्ञापन

. इंदिरा मार्केट से एसडीएम कार्यालय तक निकाली रैली, चौधरी अड्डे में किया चक्का जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। केंद्र सरकार की मजदूर, किसान, छात्र और जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सोमवार को रामपुर में प्रदर्शन हुआ। राष्ट्रीय आह्वान पर रामपुर में सीटू, हिमाचल किसान सभा, एसएफआई, जल विद्युत परियोजना यूनियनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। रामपुर के चौधरी अड्डे में प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम किया। इस कारण नेशनल हाईवे-पांच पर जाम की स्थिति बन गई और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने मजदूर, किसान, महिला, छात्र, कर्मचारी, पशुपालक और परियोजना कर्मियों की समस्याओं को उठाया। हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा, सीटू जिला शिमला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, संजीव जोशी, नील दत्त शर्मा, दिनेश मेहता, हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव देवकी नंद, जिला अध्यक्ष रणजीत, महासचिव प्रेम चौहान, हिमाचल सेब उत्पादक संघ के राज्य महासचिव पूर्ण ठाकुर और छात्र नेता राहुल विद्यार्थी ने प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दमनकारी नीतियां अपना रही हैं। 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर मजदूरों के संगठन, हड़ताल और आवाज उठाने के अधिकार पर ताला जड़ दिया गया है। फिक्स्ड टर्म रोजगार और मित्र योजनाओं के नाम पर स्थायी नौकरियां समाप्त की जा रही हैं। ईपीएफ एवं ईएसआई को कमजोर किया गया है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से शोषण चरम पर पहुंच गया है। हड़ताल करने वाले मजदूरों पर देशद्रोह के मुकदमे थोपे जा रहे हैं। गाजियाबाद, नोएडा के मजदूर आज भी जेल की सलाखों के पीछे हैं। देश में अघोषित आपातकाल का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ा खतरा अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील है। न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते भी किसानी की जड़ें काट रहे हैं।
विज्ञापन



प्रदर्शन के जरिये रखी ये मांगें


विरोध प्रदर्शन के जरिये कार्यकर्ताओं ने 4 मजदूर विरोधी श्रम संहिताएं तुरंत वापस लेने की मांग रखी। इसके अलावा 44 श्रम कानून बहाल करने, न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रति माह घोषित करने की मांग रखी। साथ ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील और न्यूजीलैंड, यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते रद्द करने, मनरेगा को बहाल करने, रोजगार गारंटी सुनिश्चित करने, वीबीजीरामजी योजना रद्द करने, सेब, फल, अनाज एवं डेयरी उत्पादों को बर्बाद करने की नीति बंद करने, खेती को कॉरपोरेट कंपनियों के हवाले करने की प्रक्रिया बंद करने और बीज विधेयक वापस लेने, स्मार्ट मीटर और बिजली बोर्ड के निजीकरण को तत्काल रोकने की मांग रखी।

राष्ट्रीय आह्वान पर रामपुर में रोष रैली निकालते सीटू, किसान सभा और एसएफआई के कार्यकर्ता। संवाद

राष्ट्रीय आह्वान पर रामपुर में रोष रैली निकालते सीटू, किसान सभा और एसएफआई के कार्यकर्ता। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें