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Bilaspur News: फोरलेन विस्थापित समिति का 45वां रिमाइंडर, चार अहम मुद्दों पर अब भी सस्पेंस

Sun, 19 Apr 2026 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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मुख्य सचिव समेत कई अधिकारियों को भेजा ज्ञापन, राजस्व रिकॉर्ड की गड़बड़ियों पर मांगी स्पष्टता
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भूमालिकों के अधिकारों, जमीन के इस्तेमाल पर जवाब देने में विभाग नाकाम

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी त्रुटियों को लेकर फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन को घेरा है। समिति ने 45वां रिमाइंडर जारी कर मुख्य सचिव, राजस्व सचिव, उपायुक्त बिलासपुर, एलएओ बिलासपुर और फाइनेंस कमिश्नर को ज्ञापन भेजा है।
समिति के महासचिव मदन लाल ने बताया कि अधिग्रहण प्रक्रिया में सामने आई गंभीर खामियों के बावजूद प्रशासन अब तक सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि कुल सात विषयों में से चार विषयों की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन शेष चार अहम मुद्दे अभी भी अनिर्णीत हैं, जिससे प्रभावित भूमालिकों में असमंजस बना हुआ है। ज्ञापन में बताया गया है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान राजस्व रिकॉर्ड में कई गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं। इनमें इंतकालों में कई करूकानों के नाम दर्ज न होना, विभाजित खातों का रिकॉर्ड अधूरा होना, खसरा नंबरों में गड़बड़ी, गांवों के रकबे का गलत मिलान और सीमाओं का सही निर्धारण न होना शामिल है। इन खामियों के कारण न तो जमीन की सही निशानदेही हो पा रही है और न ही फोरलेन के आरओडब्ल्यू की स्पष्ट जानकारी मिल रही है। समिति ने यह भी कहा कि संबंधित एसडीएम स्तर पर कुछ हद तक त्रुटियों और उनके प्रभावों की पुष्टि तो की गई है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन परिस्थितियों में भूमालिक अपनी निजी भूमि का बै, हिब्बा या तबादला कर सकते हैं या नहीं। इसके अलावा यह भी स्पष्ट नहीं है कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं के तहत उनकी भूमि का स्वामित्व किस प्रकार प्रभावित होगा।
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समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द इन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई तो प्रभावित लोग आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। साथ ही मांग की गई है कि पाई गई त्रुटियों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्रभावितों को न्याय मिल सके।
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