ग्रामीण क्षेत्रों में सिमट रही उच्च शिक्षा
झंडूता में विज्ञान, जुखाला में विज्ञान-वाणिज्य और श्री नयना देवी से वाणिज्य की नहीं होगी पढ़ाई
सरकार ने कम छात्र संख्या को बताया कारण, जनप्रतिनिधियों ने फैसले पर पुनर्विचार की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिक्षा संस्थानों के युक्तीकरण के फैसले के तहत जिले के तीन सरकारी कॉलेजों में चार संकाय बंद कर दिए हैं। झंडूता कॉलेज में विज्ञान, जुखाला में विज्ञान एवं वाणिज्य और श्री नयना देवी जी में वाणिज्य संकाय को बंद किया है। सरकार इसे कम छात्र संख्या और संसाधनों के बेहतर उपयोग से जोड़कर देख रही है, लेकिन इस फैसले ने ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिले के जिन कॉलेजों में संकाय बंद किए गए हैं, वे लंबे समय से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहे हैं। इन कॉलेजों में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थी ऐसे परिवारों से आते हैं, जो अपने बच्चों को दूर शहरों या निजी शिक्षण संस्थानों में भेजने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर विज्ञान और वाणिज्य जैसे विषयों का विकल्प समाप्त होने से विद्यार्थियों के सामने विषय चयन और कॉलेज चयन की नई चुनौती खड़ी हो गई है।
जुखाला कॉलेज में पढ़ाई के लिए अधिकतर छात्राएं आती हैं। अगर किसी विद्यार्थी को बिलासपुर और घुमारवीं कॉलेज में सीट नहीं मिलती थी तो वह इसी कॉलेज से पढ़ाई करता था। अब यह विकल्प भी खत्म हो गया है। विशेष रूप से विज्ञान संकाय के बंद होने से उन विद्यार्थियों की चिंता बढ़ी है, जो मेडिकल, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, नर्सिंग या अन्य तकनीकी क्षेत्रों में कॅरिअर बनाना चाहते हैं। वाणिज्य संकाय बंद होने से बैंकिंग, अकाउंटेंसी, प्रबंधन और वित्तीय क्षेत्र में कॅरिअर की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर विकल्प सीमित हो गए हैं।
गुणवत्ता और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए फैसला
सरकार ने फैसला उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया है। ऐसी योजना बनाई गई है कि जिन छात्रों को इन विषयों की पढ़ाई के लिए दूसरे कॉलेजों में जाना पड़ेगा, उन्हें रहने की व्यवस्था के लिए वित्तीय सहायता दी जा सके। कई जगहों पर स्थिति ऐसी थी कि किसी विषय में केवल दो या तीन छात्र ही थे, जबकि शिक्षकों की संख्या अधिक थी। जनता और राज्य के संसाधनों के सही उपयोग के लिए यह कदम उठाया गया है।
राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए स्थानीय कॉलेज ही उच्च शिक्षा का सबसे बड़ा आधार हैं। यदि कॉलेजों से संकाय खत्म होंगे तो सबसे अधिक असर गरीब और मध्य वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा। सरकार को विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और बंद किए गए संकायों को बहाल करना चाहिए।
रणधीर शर्मा, विधायक, श्री नयना देवी जी
झंडूता जैसे ग्रामीण क्षेत्र में विज्ञान संकाय का बंद होना चिंता का विषय है। हर विद्यार्थी के लिए दूसरे शहर या दूसरे कॉलेज में जाकर पढ़ाई करना आसान नहीं होता। सरकार को केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि क्षेत्रीय जरूरतों और विद्यार्थियों की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। इस निर्णय के कारण कई बच्चों को अपना विषय छोड़ना पड़ेगा।
जीत राम कटवाल, झंडूता विधायक
जुखाला कॉलेज सदर क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। विज्ञान और वाणिज्य संकाय बंद होने से विद्यार्थियों के सामने अतिरिक्त आर्थिक और शैक्षणिक चुनौतियां खड़ी होंगी। विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार को इस निर्णय की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकें।
त्रिलोक जमवाल, सदर विधायक