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फोरलेन कंपनी सतलुज नदी में फेंक रही मलबा

Thu, 09 Jun 2016 11:44 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
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बलोह गांव में नदी में डाला सतलुज जा रहा है मलबा - फोटो : अमर उजाला
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फोर निर्माण कार्य में जुटी कंपनी पर्यावरण नियमों के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रही है। हालत यह है कि नियमों को ताक पर रखकर बलोह गांव के समीप मलबा भारी मात्रा में सतलुज नदी में डाला जा रहा है।
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हैरानी इस बात की है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पहले ही सतलुज नदी में किसी भी प्रकार का मलबा फेंकने पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद खुलेआम कंपनी सतलुज को डंपिग साइट बनाए हुए हैं।

यही नहीं सड़क किनारे भी कई स्थानों में जगह-जगह मलबा फेंका जा रहा है। सबकुछ खुलेआम होने के बावजूद सरकारी तंत्र खामोश बैठा है।

उल्लेखनीय है कि निर्माण कार्य में लगी किसी भी कंपनी को वन विभाग की ओर से विशेष स्थान डंपिंग के लिए चिन्हित किया जाता है। नियमों के मुताबिक मनमर्जी से कहीं भी मलबा नहीं डाला जा सकता है।
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वहीं नदी नालों में तो किसी भी सूरत में मलबा डालना अपराध है। लेकिन यहां निर्माण कार्य में लगी कंपनी सभी नियमों को धत्ता बता कर सीधे सतलुज नदी में ही मलबा डाल रही है।

इसके अलावा भी कई स्थानों पर सड़कों के किनारे भी मलबे के ढेर लगाए जा रहे हैं। हालांकि पूर्व में भी इस बारे में लोगों ने आवाज उठाई थी। लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे कंपनी के हौसले बुलंद हैं।

प्रदूषण बोर्ड बिलासपुर के एक्सईएन आरके नड्डा का कहना है नदी में मलबा नहीं डाला जा सकता है। अगर ऐसा हो रहा है तो इस पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इस संबंध में रिपोर्ट मांगी जाएगी। अगर नदी में मलबा डाला जा रहा है तो यह कानूनी अपराध है। इस संबंध में कंपनी पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सड़कों के किनारे भी मलबा मनमर्जी से मलबा नहीं फेंका जा सकता है। ऐसा है तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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