बुधवार रात को हुई भारी बारिश से 22 संरचनाओं को पहुंचा नुकसान
पुलाचड़ में सड़क पर गिरे पत्थरों से टकरा कर पलटी बोलेरो गाड़ी, चालक घायल
भूस्खलन होने से दोपहर तक बंद रहा पुराना चंडीगढ़-मनाली हाईवे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में बुधवार रात को हुई बारिश से निजी और सरकारी संपत्ति को करीब पांच करोड़ रुपये के नुकसान हुआ है। पिछले एक दिन में बारिश से कच्चे मकानों, गोशालाओं, रसोईघरों, शौचालयों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचने के 22 मामले दर्ज हुए हैं।
बुधवार रात को हुई भारी बारिश से कई सड़कों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि, सभी प्रमुख सड़कों पर यातायात को बहाल कर दिया गया है। पुराने चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर पंजपीरी में भारी भूस्खलन हुआ। इस भूस्खलन से वीरवार दोपहर तक यातायात बाधित रहा है। भूस्खलन से बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरी थीं, जिन्हे हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। स्वारघाट कस्बे में सड़क किनारे बने टीन शेड पर पहाड़ से भारी मलबा गिर गया। इससे मालिक ऋषि महाजन को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। वहीं, पुराने चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर पुलाचड़ के पास एक बोलेरो गाड़ी सड़क पर गिरे बड़े पत्थरों से टकरा कर सड़क पर पलट गई। हादसे में कार के चालक को मामूली चोट आई हैं। गाड़ी का भी काफी नुकसान हुआ है। बोलेरो कार बुधवार रात को कैंचीमोड़ से स्वारघाट की ओर जा रही थी। भारी बारिश के बीच पुलाचड़ के पास पहुंचने पर गाड़ी के चालक को सड़क पर पहाड़ से गिरे बड़े पत्थर नजर नहीं आए। पत्थरों से गाड़ी टकराकर बेकाबू हो गई। पैरापिट से टकरा कर सड़क पर ही पलट गई। गनीमत यह रही कि सड़क किनारे पैरापिट थे, अन्यथा गाड़ी खाई में गिर सकती थी।
उधर, बुधवार रात को लुहारवीं गांव में जोगिंद्र सिंह का कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हो गया। कुठेड़ा के जोल पलाखी गांव में जगन्नाथ के मकान के सामने का डंगा भी गिर गया। इसके अलावा फोरलेन पर समलेटू में लगातार पहाड़ से पत्थर और मलबा गिर रहा है। समलेटू में दो किलोमीटर तक यातायात वन-वे ही है। झंडूता के मांडवा पुल के पास भी पहाड़ से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। वहीं, जल शक्ति विभाग की अधिकांश पेयजल योजनाएं भी दोबारा शुरू कर दी गई हैं। हालांकि, घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की कुछ योजनाएं अस्थायी रूप से बाधित हैं। बता दें कि बुधवार शाम को जिले भर भारी बारिश हुई। शाम को शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही। वीरवार को दिनभर मौसम साफ रहा है, लेकिन दुश्वारियां बनी रहीं।
इनसेट
अभी तक 70 करोड़ रुपये का हुआ नुकसान : उपायुक्त
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। राहत कार्यों को प्राथमिकता पर अंजाम दिया जा रहा है।
इस बारिश के मौसम में बुधवार दोपहर 2 बजे तक जिले में करीब 70 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। इनमें सर्वाधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है, जिसका अनुमानित मूल्य 50 करोड़ रुपये है। जल शक्ति विभाग को 17.79 करोड़ रुपये, बिजली बोर्ड को 4.22 लाख रुपये, शिक्षा विभाग को 57.80 हजार रुपये और स्वास्थ्य विभाग को 13 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है। इस बार की बरसात में कच्चे मकानों, गोशालाओं, रसोईघरों, शौचालयों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचने के 109 मामले अब तक दर्ज किए गए हैं, जिनकी अनुमानित लागत 52 लाख 66 हजार रुपये है। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक बारिश की स्थिति में सतर्कता बरतें, अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और नदी-नालों के पास जाने से परहेज करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन हर आपात स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार त्वरित राहत प्रदान की जा रही है।
पुराने चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर पंजपीरी में हुआ भूस्खलन। संवाद
पुराने चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर पंजपीरी में हुआ भूस्खलन। संवाद