सहकारी सभा बरठीं के पूर्व सचिव पर लगा धोखाधड़ी करने का आरोप
गरीब व्यक्ति ऋण मिले बिना गिरवी पड़ी जमीन को छुड़ाने की लगा रहा गुहार
मंगल ठाकुर
बरठीं(बिलासपुर)। सहकारी सभा तलाई में करोड़ों रुपये के घोटाले के बाद अब सहकारी सभा बरठीं भी विवादों में आ गई है। इस सभा के पूर्व सचिव ने पहले एक गरीब व्यक्ति के दस्तावेजों पर ऋण लिया। जब धोखाधड़ी का पर्दाफाश होने का डर सताने लगा तो एक फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) गरीब आदमी को जारी कर दी। गरीब व्यक्ति जब गिरवी पड़ी जमीन को छुड़ाने के लिए उस एनओसी को लेकर झंडूता तहसील गया तो उसे बताया कि गया वह अवैध है। अब गरीब व्यक्ति सभा के पास एनओसी देने की गुहार लगा रहा है, ताकि बिना ऋण लिए वह अपनी गिरवी पड़ी जमीन को छुड़वा सके।
ग्राम पंचायत बरठीं के गांव करलाटा के आईआरडीपी परिवार के मुखिया राम प्रसाद ने साल 2018 में सहकारी सभा बरठीं से ऋण लेने के लिए आवेदन किया। सभा के तत्कालीन सचिव रामपाल ने एक फॉर्म राम प्रसाद को दिया। फार्म को भर कर तहसीलदार झंडूता से सत्यापन कराने को कहा और जमीन की नकल भी ले ली। राम प्रसाद को एक साल तक प्रमाण पत्रों को पूरा करने और सत्यापन करने के लिए घुमाया गया। अंत में उसे ऋण देने से इंकार कर दिया गया। इसके बाद राम प्रसाद ऋण के लिए स्थानीय बैंक में गए तो वहां पर पता चला कि उनकी जमीन बैंक के पास गिरवी है और उन्होंने सहकारी सभा से 50 हजार रुपये का ऋण लिया है। सचिव के पास गया तो वह आनाकानी करने लगा। कई साल तक काफी दबाव डालने और लगातार गुहार लगाते रहने पर सभा में सचिव रहे रामपाल ने अपनी सेवानिवृत्ति के एक साल बाद 18 सितंबर 2024 को एक एनओसी जारी की कि राम प्रसाद के नाम से सभा में ऋण नहीं है। सचिव 5 मार्च 2023 को सेवानिवृत हो चुका था। रामप्रसाद ने बताया कि सचिव की धोखाधड़ी के कारण बिना ऋण लिए उसकी जमीन सात साल से बैंक में गिरवी पड़ी है। नया सचिव उनको एनओसी जारी नहीं कर रहा है। वह काफी परेशान हो चुका हैं। उधर, सभा की वर्तमान कार्यकारिणी के सदस्य कैप्टन सर्वजीत सिंह, कैप्टन ओम प्रकाश, किशोरी लाल और मनोज कुमार ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सही तरीके से सहकारी सभा में ऑडिट किया जाए तो इससे भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और घोटाले सामने आ सकते है। संवाद
कोट
सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं बिलासपुर भास्कर कालिया ने बताया कि सहकारी सभा का सचिव सेवानिवृत्ति के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं कर सकता। अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार वर्तमान सचिव या उच्चाधिकारियों के पास होता है। यदि कोई सेवानिवृत्त सचिव अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का प्रयास करता हैए तो यह एक अवैध और अमान्य कार्य है। उन्होंने बताया बरठीं सहकारी सभा में जारी किए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र और पैसे के लेनदेन की खुद जांच करेंगे।
कोट
पूर्व सचिव रामपाल ने बताया कि राम प्रसाद को बैंक से एनओसी लाने को कहा था, लेकिन उसने एनओसी नहीं दी, जिस कारण ऋण नहीं दिया गया। ऋण संबंधी को एनओसी देने का मामला उनके ध्यान में नहीं है।