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मानसून की पहली बारिश : शिमला-मटौर एनएच पर आया मलबा, सोलन में गिरा पेड़

Wed, 01 Jul 2026 11:39 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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कसौली की गोयला पंचायत के पटवारी भवन में भरी मिट्टी। स्रोत : जागरूक पाठक
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परवाणू-शिमला फोरलेन पर गिरे पत्थर, गोयला पटवार कार्यालय में आई मिट्टी
शिमला-मटौर निर्माणाधीन फोरलेन पर यातायात को भी करना पड़ा डायवर्ट
अन्य सड़कों पर भी कई जगह पर आई दिक्कतें, लोगों को उठान पड़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/दाड़लाघाट। मानसून की पहली बारिश में ही जिले के कई क्षेत्रों में मलबा आने और पेड़ गिरने से नुकसान हुआ है। इसमें जहां शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर भराड़ीघाट के क्यारड़ क्षेत्र में भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे यातायात को डायवर्ट करना पड़ा। इसके अलावा सोलन के वार्ड-12 में एक पेड़ गिरने से बिजली का तारें और पोल टूट गया, जिससे कई घरों में बिजली गुल हो गई। साथ ही परवाणू शिमला फोरलेन पर भी जगह-जगह पत्थर गिरे हैं। साथ ही गोयला के पटवार कार्यालय में भी मलबा आ गया। इसके अलावा भी जिले की कई सड़कों पर हल्के पत्थर गिरे और मलबा भी आया।
इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत शिमला-मटौर एनएच पर आई। यहां पर क्यारड़ के समीप मलba आने से यातायात प्रभावित हो गया। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बंद कर दिया। बिलासपुर और सोलन की सीमा के निकट यह मलबा आया। इसमें यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। भूस्खलन की घटना क्यारड़ स्थित पेट्रोल पंप से कुछ दूरी आगे हुई। यहां पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। प्रभावित स्थल पर एनएचएआई द्वारा फोरलेन सड़क निर्माण कार्य भी चल रहा है। भूस्खलन के बाद मशीनरी को मौके पर तैनात कर मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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इनसेट
वैकल्पिक मार्गों की जानकारी
बिलासपुर और हमीरपुर से शिमला जाने वाले वाहन ब्रह्मपुखर, जुखाला, जब्बल पुल, रानीकोटला, खारसी और दाड़लामोड़ से होकर गुजरेंगे। शिमला से मंडी जाने वाले वाहनों के लिए दाड़लामोड़, नवगांव, खारसी, रानीकोटला और बैरी मार्ग निर्धारित किया गया है। शिमला से बिलासपुर और हमीरपुर जाने वाले वाहन दाड़लामोड़, खारसी, रानीकोटला, जब्बल पुल व घागस-ब्रह्मपुखर मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। इन मार्गों पर यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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भूस्खलन का कारण और स्थिति
नायब तहसीलदार दाड़लाघाट प्रेम लाल शर्मा ने बताया कि पटवारी से मिली रिपोर्ट के अनुसार भूस्खलन के कारण मार्ग बंद हुआ है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सड़क बहाल होने के बाद अगली सूचना जारी की जाएगी। मौका पटवारी मोहन लाल ने भूस्खलन संबंधी रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी अर्की को भेज दी है। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल इस मामले में एनएचएआई के अधिकारियों से कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है। प्रभावित स्थल पर एनएचएआई द्वारा फोरलेन सड़क निर्माण कार्य भी चल रहा है, जो भूस्खलन का एक संभावित कारण हो सकता है।

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मलबा हटाने का कार्य जारी
भूस्खलन के तुरंत बाद मशीनरी को मौके पर तैनात कर दिया गया है। मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का अनुमान है कि सड़क को यातायात के लिए बहाल करने में अभी चार से पांच घंटे का समय लग सकता है। प्रशासन और संबंधित विभाग मार्ग को शीघ्र बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। यात्रियों से धैर्य रखने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है।

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परवाणू से शिमला फोरलेन पर गिरे पत्थर
धर्मपुर(सोलन)। परवाणू शिमला फोरलेन पर भी बारिश के बाद जगह पत्थर गिरे और कई जगह हल्का मलबा भी आया। इससे वाहन चालकों को खतरे के साए में सफर करना पड़ा। हालांकि एसआरएम कंपनी की ओर से चक्कीमोड़ व इसके अलावा अनेकों पहाड़ को सुरक्षित कर दिया है, लेकिन कई जगह पर अभी भी पत्थर गिरते हैं जिससे खतरा बना रहता है। खासकर कुमारहट्टी से जाबली और सलोगड़ा व क्यारीघाट के आसपास मलबा व पत्थर गिरे हैं। इसके अलावा धर्मपुर से कसौली व धर्मपुर से कंडा सड़क पर भी भारी बारिश के कारण कई जगह मलबा आया। जिसे लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने हटा दिया।

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शहर के वार्ड-12 में गिरा पेड़ का हिस्सा, तार टूटे
सोलन। शहर के वार्ड नंबर-12 में पहली बारिश में एक विशालकाय पेड़ का एक हिस्सा गिर गया। इससे यहां पर बिजली की कुछ तारें टूट गई और खंभा भी टेढ़ा हो गया। जिससे आसपास के कई घरों में बिजली गुल हो गई। साथ ही एक घर के कुछ हिस्से को भी हल्का नुकसान हुआ है। यह पेड़ दोपहर करीब 12:00 गिरा। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और बिजली बोर्ड को इसकी सूचना दी। मानसून की अभी पहली बारिश शुरू हुई है और इससे नुकसान सामने आने लगे हैं। बीते वर्ष भी बरसात के दौरान शहर में कई जगहों पर नुकसान हुआ था।

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गोयला पंचायत में पटवार कार्यालय बना दलदल
कसौली(सोलन)। दून विधानसभा क्षेत्र की पहाड़ी पंचायत गोयला में लाखों रुपये की लागत से निर्मित पटवारी कार्यालय में भी बारिश के बाद दलदल हो गया। यहां पर अंदर मिट्टी आने से सारे कमरे खराब हो गए। जिससे लोगों में रोष है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्यालय का निर्माण कार्य अधूरा होने के बावजूद वर्ष 2025 में जल्दबाजी में इसका उद्घाटन कर दिया गया, जिसके कारण आज भवन उपयोग के योग्य नहीं रह गया है। कार्यालय के पीछे और दोनों ओर सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) का निर्माण नहीं किया। बरसात के दौरान पहाड़ी क्षेत्र से मिट्टी और पानी सीधे कार्यालय में जा रहा है, जिससे पूरा परिसर दलदल में तब्दील हो गया।
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शिमला-मटौर वाली खबर के साथ बयान
उधर, एसडीएम अर्की निशांत तोमर ने कहा कि मौके पर पोकलेन व जेसीबी मशीनों से सड़क मार्ग को खोला जा रहा है, जल्द ही सड़क मार्ग को खोल दिया जाएगा। उन्होंने वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने व सुरक्षित वाहन चलाने की अपील की है।

कसौली की गोयला पंचायत के पटवारी भवन में भरी मिट्टी। स्रोत : जागरूक पाठक

कसौली की गोयला पंचायत के पटवारी भवन में भरी मिट्टी। स्रोत : जागरूक पाठक

कसौली की गोयला पंचायत के पटवारी भवन में भरी मिट्टी। स्रोत : जागरूक पाठक

कसौली की गोयला पंचायत के पटवारी भवन में भरी मिट्टी। स्रोत : जागरूक पाठक

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