घुमारवीं के प्रवेश द्वार के पास फैली गंदगी, छात्राओं, दुकानदारों और राहगीरों को हो रही परेशानी
लोगों ने शहर में सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं की ओर से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा संग्रहण का शुल्क बढ़ाए जाने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। शहर के विभिन्न वार्डों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब शुल्क बढ़ाया गया है तो उसके अनुरूप सफाई व्यवस्था भी बेहतर होनी चाहिए, लेकिन हकीकत इसके उलट नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई इलाकों में समय पर कचरा नहीं उठाया जाता, जिससे आसपास दुर्गंध फैल रही है। लोगों का कहना है कि कई बार नगर परिषद को शिकायत देने के बावजूद नियमित रूप से कचरे की उठान नहीं हो रही है। इससे न केवल स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। सबसे अधिक परेशानी राजकीय कन्या विद्यालय घुमारवीं के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप देखने को मिल रही है। विद्यालय से करीब 20 मीटर की दूरी पर लंबे समय से कचरे का ढेर जमा है। विद्यालय जाने वाली गली में फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण छात्राओं, अभिभावकों, राहगीरों और आसपास के दुकानदारों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी और बदबू के कारण कई ग्राहक वहां रुकने से भी बचते हैं, जिससे उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है। कचरे के ढेर के आसपास बड़ी संख्या में लावारिस पशु भी जमा रहते हैं। भोजन की तलाश में पहुंचे ये पशु अकसर आपस में लड़ पड़ते हैं, जिससे सड़क से गुजरने वाले लोगों और वाहनों के लिए खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इन पशुओं की भिड़ंत से दुकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंच चुका है। सबसे अधिक चिंता विद्यालय आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर है, जिन्हें प्रतिदिन इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार स्थानीय दुकानदारों और लोगों को स्वयं आगे आकर पशुओं को हटाना पड़ता है, तब जाकर बच्चों का सुरक्षित आवागमन संभव हो पाता है। नागरिकों ने नगर परिषद से मांग की है कि बढ़े हुए कचरा संग्रहण शुल्क के अनुरूप सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। शहर में नियमित रूप से कचरे की उठान सुनिश्चित करने के साथ-साथ लावारिस पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि शहरवासियों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
कोट
मामला अभी हमारे ध्यान में आया है। जल्द ही सफाई कर्मचारी भेजकर वहां से कचरा उठवा दिया जाएगा। साथ ही सफाई कर्मियों को निर्देश दिए जाएंगे कि शहर में जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें समय रहते हटाया जाए। लोगों से भी अपील है कि नगर परिषद की कचरा संग्रहण गाड़ी में ही कूड़ा डालें और इधर-उधर कचरा न फेंकें। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सभी नगर परिषद का सहयोग करें।
-खेमचंद वर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, घुमारवीं