बिलासपुर में गेहूं का खेत । संवाद
-20 फरवरी तक नहीं बारिश के आसार, छाए रहेंगे हल्के बादल
-जिले में 25 हजार हेक्टेयर भूमि पर की जाती है गेहूं की बिजाई
-सिर्फ 6500 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा, शेष बारिश पर निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/बरठीं। जिले में बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं की फसल के लिए बारिश का होना आवश्यक है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार जिले में 20 फरवरी तक बारिश के आसार नहीं हैं। इस दौरान हल्के बादल छाए रहेंगे। एक सप्ताह पहले जिले में हल्की बूंदाबांदी हुई थी लेकिन वो गेहूं की फसल के लिए पर्याप्त नहीं थी।
बारिश न होने से गेहूं की फसल को उचित पानी नहीं मिल पा रहा है। हालांकि यह समस्या गैर सिंचित क्षेत्र के किसानों के लिए है। सिंचित क्षेत्र में किसान सिंचाई कर रहे हैं। पहले ही जिले में समय से बारिश न होने के चलते देरी से बिजाई हुई है। अब फिर से बारिश न होने से किसान चिंतित हैं। यदि समय पर बारिश नहीं होती है तो किसानों की समस्या बढ़ जाएगी। बारिश न होने से किसान खेतों में खाद भी नहीं डाल पा रहे हैं। यदि सूखे में खाद का प्रयोग किया जाता है तो फसल खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। बताते चलें कि जिले में 31,878 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। इसमें से 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई होती है। जिले में 57,422 परिवार कृषि कार्य से जुड़े हुए हैं। जिले में 6500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। यह कृषि भूमि का करीब 25 प्रतिशत क्षेत्र है। शेष 75 प्रतिशत क्षेत्र में वर्षा पर निर्भर है। किसानों में राजपाल, रामलोक, प्रेमलाल, सुभाष, प्रकाश, रामचंद, संजीव, रामदास आदि ने बताया कि फसल के लिए बारिश की जरूरत है। पहले ही बिजाई देरी से हुई है जिस कारण फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विज्ञान केंद्र की प्रभारी सीमा शाह ने बताया कि 20 फरवरी तक बारिश के आसार नहीं हैं। वहीं मृदा विशेषज्ञ डॉ. गौरव ने बताया कि गेहूं की फसल अपने प्रारंभिक चरण पर है, यदि इस समय पानी नहीं मिलता है तो अच्छी पैदावार नहीं होगी। पहले ही बिजाई देरी से हुई है। यदि समय पर बारिश नहीं होती है तो फसल को नुकसान होगा।