कनौण गांव में की गई सिचांई की सुविधा। स्रोत: अदाणी फाउंडेशन
अदाणी फाउंडेशन व एसीसी की पहल से फसलों को मिला पानी
जल भंडारण टैंक बना सहारा, छह किसानों को सीधा लाभ
संवाद न्यूज
बिलासपुर। विविध अदाणी पोर्टफोलियो की सीमेंट और निर्माण सामग्री कंपनी एसीसी लिमिटेड ने अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से जिले के कनौण गांव में किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराकर एक नई पहल की है। धौनकोठी-पंजगाईं वाटरशेड परियोजना के तहत गांव में 60 घन मीटर क्षमता वाला जल भंडारण टैंक तैयार किया गया है, जिससे आसपास के नाले और झरनों के पानी को संग्रहित कर खेतों तक पहुंचाया जा रहा है।
कनौण गांव के किसानों को पहले सिंचाई के लिए प्राकृतिक स्रोतों पर ही निर्भर रहना पड़ता था। नाले से पानी खेतों तक पहुंचाना काफी कठिन और समय लेने वाला काम था। इसके अलावा पानी के भंडारण की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण फसलों की सिंचाई नियमित रूप से नहीं हो पाती थी, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ता था। जल भंडारण टैंक बनने के बाद अब किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे खेती की प्रक्रिया आसान हुई है और फसलों की पैदावार में भी सुधार देखने को मिल रहा है। किसान अब समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं, जिससे उनकी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने लगा है। गांव के किसान प्रवीण कुमार के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है। पहले जहां वे सीमित खेती कर पाते थे, वहीं अब वे करीब एक हेक्टेयर भूमि की सिंचाई कर रहे हैं। उन्होंने लहसुन और अरबी जैसी नकदी फसलों की खेती शुरू की है। इसके साथ ही उन्होंने अपने खेत में 80 फलदार पौधे भी लगाए हैं, जिससे उनकी आय के स्रोत बढ़े हैं। इस पहल से प्रवीण कुमार की आय में करीब 24 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, परियोजना का लाभ गांव के कुल छह किसानों को मिला है। किसानों का कहना है कि इस सुविधा से उनकी खेती पर निर्भरता मजबूत हुई है और वे अब अधिक आत्मनिर्भर महसूस कर रहे हैं। एसीसी लिमिटेड और अदाणी फाउंडेशन की यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक बनी है, बल्कि गांव को आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।