बिलासपुर। भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के निर्माण के लिए नोग से बरमाणा तक की करीब 538 बीघा भूमि के अधिग्रहण के लिए सेक्शन 15 की अधिसूचना जारी हो चुकी है। अब रेल विकास निगम की भूमि अधिग्रहण इकाई ने आगे के नौ गांवों को आपत्तियां दर्ज करने के लिए 4 जून तक का समय दिया है।
वहीं, 5 से 13 जून तक पुनर्वास और पुनर्स्थापन से संबंधित क्लेम, आपत्तियां, सुझाव विस्थापितों और प्रभावितों को देने होंगे। इस संदर्भ में संबंधित पंचायत प्रधानों को रेलवे की ओर से पत्र वीरवार को जारी किया गया है। रेल लाइन के लिए 52 से 63.1 किलोमीटर तक के नौ गांव में करीब 538 बीघा भूमि का अधिग्रहण होना है। इसके लिए रेलवे की विशेष भूमि अधिग्रहण इकाई ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। सेक्शन 15 तक की अधिसूचना जारी होने के बाद अब भू अधिग्रहण अधिकारी ने 4 जून तक लोगों की आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।
विस्थापितों, प्रभावितों को 6 और 7 जून को रेलवे के समाहर्ता कार्यालय बिलासपुर में अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने होंगे। इसके बाद 5 से 13 जून तक पुनर्वास और पुनर्स्थापन से संबंधित क्लेम, आपत्तियां, सुझाव विस्थापितों और प्रभावितों को देने होंगे। भूमि अधिग्रहण इकाई ने वीरवार को संबंधित पंचायत प्रधानों को इस बारे में पत्र लिखकर सूचित किया है। पुनर्वास और पुनर्स्थापन योजना के तहत यह जन सुनवाई ग्राम पंचायतों में ही होगी। जन सुनवाई में आपत्तियां, क्लेम और सुझाव की रिपोर्ट तैयार होने के बाद अधिग्रहण की अंतिम प्रक्रिया को सरकार की मंजूरी मिलेगी।
अभी तक तीन क्लेम और आपत्तियां पहुंची
भूमि अधिग्रहण अधिकारी अभिषेक गर्ग ने कहा कि अभी तक उनके पास कुल तीन क्लेम और आपत्तियां पहुंची है। उन्होंने कहा कि लोगों को सेक्शन 15 की अधिसूचना के बाद 4 जून तक का समय दिया गया है। उन्हें 6 और 7 जून को अपनी आपत्तियां और सुझाव बिलासपुर रेलवे भू अधिग्रहण इकाई के कार्यालय में आकर दर्ज करानी होगी। इसके अलावा पुनर्वास और पुनर्स्थापन योजना के तहत ग्राम पंचायतों में जन सुनवाई 5 से 13 जून तक होगी, इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों को सूचित कर दिया गया है।