प्रशासनिक मंजूरी के बावजूद नहीं मिला बजट
ग्रामीणों में आक्रोश, 2017 में हुआ था शिलान्यास, अब तक नहीं हुआ निर्माण
76 लाख का संशोधित प्राकलन मंजूर, पर स्वीकृत नहीं हुआ बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। सदर खंड की स्याहोला पंचायत को मंझोत गांव से जोड़ने वाली सड़क आठ वर्ष से अधूरी है। 2017 में शिलान्यास होने के बावजूद यह सड़क आज तक पक्की नहीं बन पाई है। लोगों को कीचड़, धूल और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है, लेकिन सरकार और विभाग दोनों चुप्पी साधे हुए हैं।
22 सितंबर 2017 को तत्कालीन मंत्री और 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे रामलाल ठाकुर ने इस सड़क का शिलान्यास किया था। उस समय इसके निर्माण के लिए 34.50 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन निर्माण के दौरान लागत बढ़कर 44.55 लाख रुपये तक पहुंच गई। फिर भी कार्य अधूरा ही रह गया। लोक निर्माण विभाग ने शेष 700 मीटर सड़क को पक्का करने के लिए 76 लाख रुपये का संशोधित प्राक्कलन पिछले वर्ष भेजा था। इसे प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन बजट अब तक जारी नहीं हुआ है। इससे लोगों में गहरा असंतोष है। स्याहोला और जुखाला पंचायत के पूर्व प्रधान मुंशी राम ठाकुर, नरेंद्रा बलोरिया, उप प्रधान गोपाल शर्मा, सुरेंद्र शर्मा और डॉ. पीसी शर्मा सहित कई ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर से बजट स्वीकृत करवाने की गुहार लगाई है। साथ ही श्री नयना देवी जी के विधायक रणधीर शर्मा से भी आग्रह किया गया है कि वे इस विषय पर संज्ञान लें और बजट उपलब्ध करवाने में भूमिका निभाएं।
इनसेट
रोजमर्रा की जिंदगी पर असर, लोग परेशान
अधूरी और कच्ची सड़क से होकर रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। गड्ढों और धूल के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बजट स्वीकृत कर काम शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
कोट
लोक निर्माण विभाग उपमंडल नम्होल के सहायक अभियंता जगत राम ठाकुर ने बताया कि मौजूदा वित्त वर्ष में इस सड़क के लिए कोई बजट स्वीकृत नहीं हुआ है।