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Bilaspur News: 40 दिन जेल की हवा भी नहीं सुधार पाई चिट्टे की आदत

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आठ दिन पहले छूटा, फिर 6.62 ग्राम हेरोइन के साथ दबोचा
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कुहाथड़ा के युवक पर पहले से दर्ज हैं एनडीपीएस के चार मामले
भाई का भी रहा है काला इतिहास, चिट्टा तस्करी के मामले हैं दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। भराड़ी पुलिस के नशे के खिलाफ अभियान के बीच चिट्टे के काले कारोबार का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने कानून और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने कुहाथड़ा गांव के एक युवक को 6.62 ग्राम चिट्टे (हेरोइन) के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि आरोपी अरुण कुमार महज एक सप्ताह पहले ही 40 दिन जेल में काटने के बाद जमानत पर बाहर आया था।
नशे के इस सौदागर को पकड़ने के लिए भराड़ी पुलिस ने पूरी घेराबंदी की थी। पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि आरोपी अपने घर से ही नशे का नेटवर्क दोबारा सक्रिय कर रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी विशाल वर्मा खुद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जब आरोपी के घर की नियमानुसार तलाशी ली, तो उसके कमरे से 6.62 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने नशीला पदार्थ कब्जे में लेकर आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। आरोपी अरुण कुमार पर पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत चार मामले दर्ज हैं। यह उसकी पांचवीं गिरफ्तारी है। आरोपी बीती 18 फरवरी को ही जेल से लौटा था। महज आठ दिन के भीतर दोबारा धंधे में संलिप्त पाया जाना सजा के खौफ पर सवाल उठाता है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के भाई पर भी चिट्टे की तस्करी के चार मामले दर्ज हैं। इससे साफ है कि परिवार के स्तर पर नशे का जाल फैल चुका है। पुलिस अब इस मामले के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स खंगाल रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जेल से बाहर आते ही आरोपी को इतनी जल्दी नशे की खेप किसने उपलब्ध करवाई? पुलिस उस मुख्य सप्लायर की तलाश में है जो क्षेत्र के युवाओं तक मौत का यह सामान पहुंचा रहा है। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा। भराड़ी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे नशे के मामलों से ग्रामीण डरे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी और जेल भेजना पर्याप्त नहीं है। जब तक नशे की सप्लाई चेन को जड़ से नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे आदतन अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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कोट
आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। नशे के सौदागरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। किसी भी सूरत में नशा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा और क्षेत्र को नशा मुक्त करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
विशाल वर्मा, डीएसपी
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